नई दिल्ली, न्यूज प्लस। सोमवार यानी 20 जुलाई 2026 को दिल्ली एक तरह से बंधक बनी रही। संसद से सड़क तक सिर्फ हंगामा हुआ, किसी को कुछ मिला तो नहीं, हां दोनों सदनों में जनता के टैक्स का करोड़ों स्वाहा हो गया। 30-35 मिनट के अंदर लोकसभा और राज्यसभा की कार्रवाई 5-5 बार स्थगित हुई और फिर कार्रवाई अगले दिन तक के लिए टाल दिया गया।
मानसून सत्र के पहले दिन लोकसभा में सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने से संबंधित बिल आना था जबकि राज्यसभा में गृहमंत्री अमित शाह वंदेमातरम बिल लाने वाले थ लेकिन 30-35 मिनट में जो हुआ वह शर्मनाक है। 30-35 मिनट में पांच बार दोनों सदनों की कार्रवाई चलाने की कोशिश हुई लेकिन हर बार 5-6 मिनट के अंदर की कार्रवाई स्थगित करनी पड़ी और अंतत अगले दिन तक के लिए कार्रवाई स्थगित हो गई।
बाहर काकरोच जनता पार्टी ने शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्ताफे को लेकर खूब हंमामा किया और अंदर विपक्ष लगातार सरकार के खिलाफ हमलावर रहा। हंगामे के कारण बार-बार कार्रवाई स्थगित होती रही। विपक्ष लगातार नीट पेपर लीक और चढ़ावा चोरी पर चर्चा का मांग उठाता रहा लेकिन सरकार बिल लाने की कोशिश करती रही। न तो विपक्ष की मांग पूरी हुई और न वंदेमातरम के अपमान पर सजा वाला बिल आ पाया। कल मानसून सत्र के दूसरे दिन भी क्या सरकार बिल लाकर चर्चा करा पाएगी या फिर विपक्ष अपने मुद्दों पर अड़ा रहेगा।
