नई दिल्ली, न्यूज प्लस। काकरोच जनता पार्टी के आंदोलन के बहाने देश का जेनरेशन जेड यानी जेन जी सड़क पर है, उसमें आक्रोश है और किसी भी कीमत पर सरकार से टकराने को तैयार है। क्या केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान का इस्तीफा होगा या सरकार की जिद के सामने जेन जी पीछे हटेगा।
नीट पेपर लीक और इसके चलते 20 से ज्यादा छात्रों की आत्महत्या पर जेनजी आक्रोशित है। ऐसे में उसे काकरोच जनता पार्टी का मंच मिला तो वह देश भर से आकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर इकट्ठा हो गया। काकरोच जनता पार्टी को वैज्ञानिक और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का साथ मिला तो उसका आंदोलन खड़ा हो गया। सरकार ने सोम वांगचुक को अनशन से उठाकर आंदोलन को तोड़ने की कोशिश की लेकिन उल्टा असर हुआ और जेनजी में आक्रोश और बढ़ गया।
आज यानी 20 जुलाई को मानसून सत्र के पहले दिन काकरोच जनता पार्टी ने संसद कूच का ऐलान किया था लेकिन सरकार ने इसे दबाने की कोशिश की। जेन जी का आंदोलन दबाने के लिए सरकार ने लगभग पूरी दिल्ली को बंधक बना लिया। कई मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए गए, दिल्ली बार्डर पर चेकिंग के नाम पर लोगों को रोका गया जिससे लम्बे जाम के हालात बने। तंजर-मंतर के आसपास इंटरनेट बंद करके सरकार ने जता दिया कि उसकी मंशा क्या है।
तमाम सरकारी सुरक्षा प्रबंध को धता बता युवा बैरकेडिंग तोड़ते हुए संसद भवन के पास तक पहुंच गए, देर शाम तक हजारों युवा प्रदर्शन में शामिल रहे, जाहिर है उनमें बहुत गुस्सा और आक्रोश है। यह गुस्सा शांद करने के बजाय सरकार ने टकराव के हालात बना दिए हैं, इससे सरकार के प्रति आक्रोश और बढ़ता जा रहा है। जेनजी का यह आक्रोश कहीं ऐसे हालात न पैदा कर दे जैसे नेपाल, बांग्लादेश और श्रीलंका में देखने को मिले थे।
