नई दिल्ली, न्यूज प्लस। दिन भर के आंदोलन के बाद शाम को केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया कि काकरोच जनता पार्टी की ओर से सुबह ही बातचीत का प्रस्ताव आया था और उन्होंने तुरंत मान लिया, दूसरी तरफ काकरोच जनता पार्टी की तरफ से कहा गया कि बातचीत के लिए सरकार की तरफ से बुलाया आया था। कुल मिलाकर देर शाम काकरोच जनता पार्टी ने जंतर-मंतर से अपना मंच हटाना शुरू कर दिया।
काकरोच जनता पार्टी का प्रतिनिधि मंडल दोपहर करीब 12 बजे जेपी नड्डा से बातचीत करने पहुंचा था, यह वह समय था जब युवा संसद के बाहर प्रदर्शन कर रहे थे और विपक्ष संसद के अंदर मुद्दा उठा रहा था। शाम होते-होते जेपी नड्डा का पोस्ट आया जिसमें उन्होंने कहाकि काकरोच जनता पार्टी की ओर से लिखित ज्ञापन मिला है और उनकी मांगों पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने इसी पोस्ट पर काकरोच जनता पार्टी से धरना समाप्त करने की भी अपील की।
इसके तुरंत बाद खबर आयी कि सीजेपी के कार्यकर्ताओं ने मंच हटाया शुरू कर दिया यानी वह आंदोलन से पीछे हट गए। उनकी कितनी मांगे मानने का आश्वासन सरकार की तरफ से मिला है यह तो अभी सामने नहीं आया लेकिन इतना तय है कि शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान का इस्तीफा तो फिलहाल नहीं होने वाला जो सीजेपी की प्रमुख मांग थी। उधर सोनम वांगचुक को भी सरकार ने चुप करा दिया है, इसके लिए सरकार ने क्या तरीका अपनाया इसका खुलासा होना अभी बाकी है।
