नई दिल्ली, न्यूज प्लस। जैसी उम्मीद थी सरकार ने जंतर—मंतर पर आमरण अनशन पर बैठे वैज्ञानिक और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को उठवाकर अस्पताल भेज दिया। अब सरकार काकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के आंदोलन को कुचलने की तैयारी कर चुकी है।
नीट पेपर लीक के साथ सीजेपी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। इसी के साथ राहुल गांधी, अरविन्द केजरीवाल और अखिलेश यादव ने धर्मेंद्र प्रधान पर तीखे हमले बोले। इन हमलों से यह तो तय हो गया था कि धर्मेंद्र प्रधान फिलहाल जाने वाले नहीं हैं क्योंकि भाजपा सरकार के काम का जो तरीका है जैसे ही विपक्ष किसी पर हमला होता है उसे वह बचाने में जुट जाती है बाद में भले उसको किनारे किया जाए। इसी बीच सोनम वांगचुक सीजेपी के आंदोलन में पहुंच गए और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठ गए। इससे धर्मेंद्र प्रधान की कुर्सी और मजबूत हो गई, भाजपा हाईकमान उनको हटाने के बारे में सोच भी रहा तो पीछे हट गया क्योंकि आंदोलन के बीच अपने मंत्री को हटाने का मतलब था बाहर संदेश जाता सरकार झुक गई जो फिलहाल पीएम नरेन्द्र मोदी और अमित शाह के होते हुए नहीं होने वाला है।
सोनम वांगचुक को देश भर से खूब समर्थन मिला, देश भर से युवा दिल्ली पहुंच गए और उनके आंदोलन में शामिल हुए। विपक्ष का भी सोनम वांगचुक9को पूरा समर्थन मिला, यही सरकार को नागवार गुजरा। 19 दिन तक सरकार की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आयी, फिर अचानक सादे कपड़ों में पहुंची पुलिस सोनम वांगचुक को टांगकर ले गई। उनको अस्पताल में भर्ती कराया गया है, फिलहाल उनकी तबियत के बारे में भी बाहर कोई जानकारी नहीं आ रही है। उनका स्वास्थ्य कैसा है, क्या वास्तव में उनको पूरा इलाज मिल रहा है या सिर्फ दिखावा है यह तो उनकी स्थिती सामने आने के बाद ही पता चल सकेगा लेकिन दूसरी तरफ सरकार ने सीजेपी का आंदोलन कुचलने की तैयारी पूरी कर ली है।
सोनम वांगचुक को उठाते ही पुलिस ने सीजेपी कार्कर्ताओं को भी जंतर-मंतर खाली करने के लिए कह दिया। जो कार्यकर्ता 20 दिनों से तंजर-मंतर पर जमे थे वह अचानक वहां से आराम से चले जाएंगे यह आसान नहीं होगा। पूरे देश से आंदोलन को समर्थन मिल रहा था, देश फर से सैकड़ों युवा वहां पहुंचे अब उनको जबरन वहां से हटाया जाएगा तो जाहिर है कि टकराव होगा। वैसे तो कानून जंतर-मंतर पर शाम पांच बजे के बाद किसी भी आंदोलन की मनाही है, वहां भीड़ नहीं इकट्ठी की जा सकती है लेकिन सीजेपी कार्यकर्ता 20 दिन से रातदिन वहां डटे थे। सोमवार से मानसून सत्र शुरू हो रहा है, इस लिहाज से भी यह क्षेत्र संवेदनशील है इसलिए पुलिस किसी भी तरह जंतर-मंतर खाली कराना चाहेगी भले उसे बल प्रयोग करना पड़े और इसकी तैयारी भी हो चुकी है।
