लखनऊ, न्यूज प्लस। उप्र में बैटल-2027 की विसाद बिछ चुकी है। सीएम योगी ताबड़तोड़ रैलियां कर रहे हैं, अखिलेश यादव रथ लेकर निकलने वाले हैं। भाजपा के चाणक्य अमित शाह ब्रज से दौरा शुरू करने वाले हैं, ऐसे में एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी भी मैदान में कूद पड़े हैं। ओवैसी क्या अखिलेश यादव का खेल बिगाड़ेंगे या फिर मुस्लिम उनकी नहीं सुनेगा और भाजपा को हराने के लिए अखिलेश का साथ देगा।
विपक्ष हमेशा से असदुद्दीन ओवैसी को भाजपा की बी टीम बताता रहा है, उसका कहना है कि वह मुस्लिम वोट काटकर भाजपा की राह आसान करने के लिए मैदान में उतरते हैं। इसका जवाब ओवैसी बड़ा जोरदारी से देते हैं, उनका कहना है कि बिहार में उन्होंने भाजपा को रोकने के लिए उन्होंने गठबंधन के लिए लिखकर दिया था। उप्र में भी भाजपा को रोकने के लिए वह विपक्ष से गठबंधन को तैयार हैं लेकिन यह तो नहीं हो सकता कि हम चुनाव ही न लड़ें। वह कह रहे हैं उन्हें बी टीम कहने वाले तमाम टीएमसी नेता भाजपा में जाकर बैठे हैं तो अब मुस्लिमों को समझना होगा कौन बी टीम है और कौन भाजपा को रोकना चाहचा है, वह मुस्लिमों को राजनीतिक ताकत बनने का आह्वान कर रहे हैं।
आज यानी 18 जुलाई 2026 को वह सहारनपुर में रैली करने वाले हैं और फिर 23 को उनकी मुरादाबाद में रैली है। उनका पूरा फोकस पश्चिमी उप्र पर है, वह तमाम रैलियों में मुस्लिमों को यही संदेश देने की कोशिश करेंगे कि वह विपक्ष के साथ गठबंधन करना चाहते हैं लेकिन सपा और अन्य दल तैयार नहीं हैं। वह भाजपा को रोकने के लिए मुस्लिम वोटों को अपनी ओर खींचने की कोशिश कर रहे हैं, जिसका सीधा नुकसान सपा यानी अखिलेश को होगा और उनका खेल बिड़ भी सकता है।
