लखनऊ, न्यूज प्लस। 15 दिन का अतिरिक्त समय मिलने के बाद भी एसआईटी चढ़ावा चोरी की जांच पूरी नहीं कर पायी है। सोमवार को वह मजबूरी में अंतरिम जांच रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को सौंपेगी लेकिन सरकार को फाइनल जांच रिपोर्ट कब मिलेगी अभी तय नहीं है। हां अब तक जांच से यह जरूर तय कि अनिल मिश्रा जेल जाएंगे और चंपत साफ बचेंगे, अब वह प्रायश्चित की तैयारी कर रहे हैं।
एसआईटी ने पहली अंतरिम जांच रिपोर्ट सात दिन में ही शासन को सौंप दी थी जिसके आधार पर एफआईआर हुई और पुलिस ने 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इसके बाद ही बड़ों को बचाने का खेल शुरू हो गया। एसआईटी को जांच करते एक माह पूरा हो गया, अब वह जांच के लिए और समय मांग रही है। सुप्रीम कोर्ट ने सरकार और एसआईटी से स्टेटस रिपोर्ट मांगी है, 20 जुलाई को मामले में सुनवाई है। माना जा रहा है एसआईटी सरकार के बजाय सुप्रीम कोर्ट को दूसरी अंतरिम रिपोर्ट सौंपेगी, फाइनल जांच रिपोर्ट सरकार को कब मिलेगी अभी यह तय नहीं है। सरकार की ओर से एसआईटी को कुछ दिन का समय और दियाजा सकता है, माना जा रहा है 25 जुलाई तक एसआईटी अपनी फाइनल रिपोर्ट दे सकती है।
सूत्रों के मुताबिक अब तक एसआईटी की जांच जहां तक पहुंची है, उसके अनुसार चंपत राय बंसल को सिर्फ लापरवाह और नाकाम करार देकर क्लीनचिट दे दी जाएगी। एसआईटी की जांच में अनिल मिश्रा और सुभाष श्रीवास्तव को मुख्य रूप से दोषी माना गया है। यानी अनिल मिश्रा की कभी भी गिरफ्तारी हो सकती है। इसी के साथ सरकार चाहेगी कि इस मामले का पटाक्षेप हो जाए और यह राजनीतिक मुद्दा अधिक दिनों तक न रह पाए।
इधर श्रीराम मंदिर के शुद्धीकरण के लिए लगातार वहां पूजापाठ और मंत्रों का जाप चल रहा है। इस बीच पता चला है कि चंपत राय भी प्रायश्चित करने के लिए चार माह की विशेष पूजा शूरू करने वाले हैं। इस बीच वह मंदिर परिसर में ही रहेंगे और पूजा-ध्यान करेंगे। उनकी चार माह तक लगातार मंदिर परिसर में मौजूदगी पर भी सवाल उठ रहे हैं, विपक्ष कह रहा है कि एसआईटी जांच के बाद पुलिस विवेचना भी इससे प्रभावित हो सकती है इसलिए उनको मंदिर परिसर से बाहर ही रहना चाहिए।
