लखनऊ, न्यूज प्लस। यूपी में विपक्ष खासकर सपा का अपना नेरेटिव सेट है, वह भजपा पर चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर ही हमला बोलेगी। 10 दिन से दोनों सदनों में पर्चा लीक और पैलेट गन पर जारी घमासान को शुक्रवार को सपा ने चढ़ावा चोरी की तरफ मोड़ने की कोशिश की और बता दिया कि वह अपने मूल मुद्दे पर लौट आयी है।
यह तय था कि मानसून सत्र में सपा श्रीराम मंदिर चढ़ावा चोरी का मुद्दा जोरदार ढंग से उठाएगी और इस पर भाजपा को घेरेगी, लेकिन पर्चा लीक पर जंतर-जंतर के आंदोलन ने विपक्ष का मुद्दा बदल दिया। राहुल गांधी और समूचे विपक्ष ने पहले पर्चा लीक पर शिक्षा मंत्री को घेरा और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद खासकर राहुल गांधी पैलट गन के बहाने गृहमंत्री के इस्तीफे पर गए। इस शोर में चढ़ावा चोरी का मुद्दा गुम होता नजर आया तो सपा ने इसे जिंदा रखने के लिए नई रणनीति बनायी। उसने दिल्ली से ही मुद्दा उठाने का फैसला किया।
लोकसभा के मकर द्वार के बाहर विपक्ष के प्रदर्शन में सपा ने चढ़ावा चोरी का मुद्दा फिर ऊपर किया, तमाम विपक्षी सांसदों के हाथों में जो बैनर था उसमें अमित शाह सदन से गायब का नारा था लेकिन सपा ने चढ़ावा चोरी का मुद्दा ऊपर लाने के लिए बाकायदा दानपात्र तैयार किए और सांकेतिक रूप से चढ़ावा चोरी का नाटर किया। इसके लिए बिहार के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव को तैयार किया गया, उन्होंने बाकायदा भगवा वस्त्र धारण किए और दानपात्र लेकर बैठे। इस दानपात्र में राहुल गांधी से लेकर ताम सांसदों ने चंदा डाला, इस बीच पुजारी बने पप्पू यादव दानपात्र लेकर भागते दिखे। इस तरह के प्रदर्शन पर हालांकि भाजपा और लोकसभा स्पीकर ने इस पर आपत्ति जतायी है।
इससे एक बात तो साबित है कि सपा यूपी में पैलेट गन नहीं चलाएगी, बल्कि चढ़ावा चोरी का मुद्दा ही ऊपर रखेगी। संसद के अंदर पेपर लीक संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान भी चढ़ावा चोरी का मुद्दा उठाना नहीं भूले थे। इससे साबित है कि सपा अपने नेरेटिव पर कायम रहेगी।
