लखनऊ, न्यूज प्लस। यूपी-बैटल-2027 की विसात बिछ चुकी है। सपा मुखिया जहां दिल्ली की राजनीति में फंसे हैं, सीएम योगी 100 से ज्यादा विधानसभाएं नाप चुके हैं। भाजपा बूथ स्तर पर कार्यक्रम आयोजित कर कार्यकर्ताओं को घर-घर पहुंचाने की तैयारी में है, जबकि सपा कार्यकर्ता अपने मुखिया की तरफ देख रहे हैं।
यूपी में पक्ष-विपक्ष दोनों का नेरेटिव सेट है, चढ़ावा चोरी के खुलासे के बाद भाजपा कट्टर हिन्दुत्व की तरफ बढ़ चुकी है, जबकि सपा सॉफ्ट हिन्दुत्व के साथ पीडीए की राह पर चल रही। चढ़ावा चोरी चुनाव में उसका मुख्य मुद्दा होगा। नेरेटिव भले सेट हों पर इनको घर-घर तक पहुंचाना भी जरूरी है, इसमें भाजपा काफी आगे निकल गई है। भले सरकारी कार्यक्रमों को सीएम योगी ने जरिया बनाया लेकिन यह शुद्ध रूप से राजनीतिक हैं। योगी विकास की बात कर रहे हैं लेकिन इन कार्यक्रमों में विपक्ष पर हमला ज्यादा कर रहे हैं।
विकास योजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास के बहाने सीएम योगी अब तक 100 से ज्यादा विधानसभाओं तक पहुंच चुके हैं। वह विकास कार्यों की बात करते हैं तो भी विपक्ष, खासकर सपा को घेरते हैं। चंदा चोरी पर आस्था की बात करते हैं, सीजेपी आंदोलन के बहाने विपक्ष को राजनीति करने पर घेरते हैं तो यह बताना नीं भूलते हैं कि उनका सरकार में माफिया मिट्टी में मिल चटुके हैं। दूसरी तरफ भाजपा और आरएसएस की लगातार बैठकें चल रही हैं। बूथ स्तर पर भाजपा ने काम शुरू कर दिया है।
