नई दिल्ली, न्यूज प्लस। लोकसभा के अंदर पेपर लीक संशोधन बिल पर चर्चा के दौरान बुधवार को अलग ही नजारा दिखा। सरकार पहले राहुल गांधी को बोलने के लिए मनाती दिखी और फिर उनको चेताया और माफी पर अड़ गई।
प्रतिपक्ष के नेता राहुल गांधी तेवरों के साथ बोलने खड़े हुए, उन्होंने छात्रों के बहाने ईडियट शब्द का इस्तेमाल किया तो भाजपा भड़क गई। शोरशराबे में कुछ देर रुके तो फिर इसी शब्द का प्रयोग किया जिस पर भाजपा सांसद नारे लगाने लगे, राहुल ने सफाई दी उनको नहीं बोल रहे लेकिन भाजपा सांसद शांत नहीं हुए। राहुल गांधी ने इस बीच अंधभक्त शब्द का प्रयोग किया तो फिर भाजपा सांसद भड़क गए, राहुल यहां तक बोल गए कि अंधभक्त एक मूर्ख को अपना भगवान मानते हैं जिस पर भाजपा सांसदों ने जमकर हंगाना किया। संसदीय कार्यमंत्री किरण रिजिजू ने आपत्ति जतायी और आपत्तिजनक शब्द कार्रवाई से हटाने की मांग की।
भाजपा सांसदों के हंगामे पर राहुल गांधी बैठ गए तो पहले स्पीकर ने उनसे बोलने का अनुरोध किया। फिर किरण रिजुजू ने उनसे बोलने के लिए अनुरोध किया लेकिन कहा आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग न करें। पीछे से भाजपा सांसदों का शर नहीं थमा तो राहुल एक बार खड़े होने के बाद फिर बैठ गए। इस पर रक्षामंत्री राजनाथ ने न केवल राहुल गांधी से अनुरोध किया बल्कि अपने सांसदों से कहा वह शांत होकर नेता प्रतिपक्ष का भाषण सुनें, उन्होंने भी आपत्तिजनक शब्द कार्रवाई से हटाने की अपील की।
इसके बाद राहुल गांधी ने सीधे आरएसएस पर हमला किया। उन्होंने सीधे आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था आरएसएस चला रहा है, धर्मेंन्द्र प्रधान नहीं आरएसएस छात्रों का दुश्मन है। उन्होंने कहाकि धर्मेंद्र प्रधान आरएसएस का मुखौटा थे, छात्रों ने साहस से आरएसएस की सामना किया। इस पर भी भाजपा की तरफ से शोर शराबा होता रहा, लेकिन स्पीकर उनको शांत कराने का प्रयास करते रहे और राहुल को बोलने के लए कहते रहे।
आरएसएस के बाद राहुल गांधी ने सीधे गृहमंत्री अमित शाह पर हमला बोल दिया। उन्होंने कहाकि गृहमंत्री को यहां बैठने का साहस नहीं है, गृहमंत्री के पास सदन में बैठने की हिम्मत नहीं है। उन्होंने कहाकि देश के गृहमंत्री डरे हुए हैं। उनका नाम लेते ही भाजपा की तरफ से फिर शोर शराबा शुरू हो गया, इस बीच राहुल गांधी ने सीधा आरोप लगा दिया कि गृहमंत्री ने ही छात्रों पर फायरिंग का आदेश दिया, उनके इतना बोलते ही सारे एनडीए सांसद खड़े होकर हंगामा करने लगे। संसदीय कार्यमंत्री ने एनडीए की तरफ से मोर्चा संभाला, जो कुछ देर पहले राहुल को बोलने के लिए मना रहे थे उन्होंने इस बार घोर आपत्ति जतायी और राहुल गांधी से माफी मांगने को कहा।
किरण रिजिजू ने पूछा नेता प्रतिपक्ष ने किस आधार पर इतनी बड़ी बात बोली सबूत दें या माफी मांगें। रिजिजू अड़ गए-बोले आपको माफी मांगनी ही होगी, सदन में वह खेद जताएं और शब्द वापस लें। संसदीय कार्यमंत्री ने कहाकि इसको हम हल्के में नहीं ले सकते हैं। शायद पहली बार सदन में किसी संसदीय कार्यमंत्री ने कहा होगा कि ऐसे सदन नहीं चलेगा, ऐसे सदन नहीं चलने देंगे। उन्होंने साफ कह दिया किया कि बिना माफी सदन नहीं चलने देंगे। बीच में अखिलेश यादव ने राहुल का बचाव किया और सदन चलाने की अपील की लेकिन शोर शराबा होता रहा। बीच में राहुल फिर खड़े हुए तो तोबारा बोला फोर्स का यूज गृहमंत्री या फिर प्रधानमंत्री कर सकते हैं जिसके बाद तो स्पीकर को कहना पड़ा कि ऐसे सदन नहीं चलेगा। बीच में राहुल गांधी का माइक भी बंद किया गया और सदन का कार्रवाई स्थगित करनी पड़ी।
