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भोजशाला से सटी जमीन पर नमाज का हिन्दू परिवारों ने किया विरोध, शुरू नया विवाद

भोजशाला से सटी जमीन पर नमाज का हिन्दू परिवारों ने किया विरोध, शुरू नया विवाद

धार (मप्र), न्यूज प्लस। सुप्रीमकोर्ट के आदेश के बाद भी भोजशाला में नमाज को लेकर नया विवाद शुरू हो गया है। सुप्रीमकोर्ट ने भोजशाला से सटे स्थान पर नमाज कराने का आदेश स्थानीय प्रशासन को दिया था, लेकिन प्रशासन ने निजी जमीन पर जुमे की नमाज करा दी। इस पर जमीन पर अपना हक बताने वाले हिन्दू परिवार विरोध को पहुंच गए। पुलिस ने कड़ी सुरक्षा में नमाज को करा दी लेकिन इससे नया विवाद शुरू हो गया, अब अगली बार नमाज पर फिर से सुप्रीम कोर्ट को दखल देना पड़ सकता है।

भोजशाला मंदिर या मस्जिद इसे लेकर लम्बे समय से विवाद चल रहा है, हाईकोर्ट ने इसे मंदिर माना है और हिन्दुओं को पूजा-अर्चना का अधिकार दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने भी हाईकोर्ट का आदेश फिलहाल बहाल रखा है, लेकिन मुस्लिमों को उसके पास नमाज के लिए जगह देने का आदेश दिया है। स्थानीय प्रशासन ने पहले भोजशाला से 2 किमी दूर नमाज के लिए स्थान चिन्हित किया था लेकिन मुस्लिम पक्ष ने इसका विरोध किया। मामला फिर सुप्रीमकोर्ट पहुंचा तो अपने अंतरिम आदेश में सुप्रीमकोर्ट ने प्रशासन को भोजशाला से सटा स्थान देने का अंतरिम आदेश पारित किया।

सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश पर स्थानीय प्रशासन ने भेजशाला से सटी जगह नमाज के लिए चुनी। मुस्लिम पक्ष से वार्ता के बाद खसरा संख्या 612 की जमीन पर जुने की नमाज पर सहमति बनायी। सुबह जब मुस्लिम यहां नमाज के लिए पहुंचे तो कई हन्दू परिवार विरोध के लिए पहुंच गए। इन परिवारों का कहना था कि यह उनकी निजी जमीन है, जिसमें वह नमाज नहीं पढ़ने देंगे। पुलिस के कड़े पहरे में आज तो करीब 100 मुस्लिमों ने यहां नमाज पढ़ी लेकिन आगे इस पर नया बखेड़ा खड़ा हो सकता है।

हिन्दू परिवारों का कहना है कि 6-7 पीढ़ियों से इस जमान पर उनका कब्जा है। यहां वह खेतीबाड़ी करते हैं और यहीं से उनकी जीविका चलती है। फिलहाल प्रशासन उनके बात कर रहा लेकिन अगली बार नमाज के समय बड़ा विवाद हो सकता है और यह सांप्रदायिक रूप भी ले सकता है इसलिए प्रशासन सतर्क है। हिन्दू परिवार पास की खाली जमीन पर नमाज कराने की बात कह रहे हैं लेकिन मुस्लिम भोजशाला से सटी जगह ही चाहता है। फिलहाल यह विवाद सुलझता नहीं दिखायी दे रहा है।

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