नई दिल्ली, न्यूज प्लस। सपा मुखिया अखिलेश यादव ने पेपर लीक संशोधन बिल के बहाने यूपी से जुड़े मुद्दे उठाकर केंद्र और प्रदेश सरकार पर करारा हमला किया। अखिलेश के बोलते ही लगा जैसे लोकसभा के अंदर यूपी का बैटल चल रहा है।
बिल पर चर्चा के लिए जैसे ही अखिलेश यादव को सदन में बोलने का मौका मिला उन्होंने प्राइमरी से लेकर उच्च और तकनीकी शिक्षा से संबंधिक विद्यालयों की बंदी का मुद्दा उठाया। उन्होंने यूपी का 69000 शिक्षा भर्ती का मुद्दा सदन में उठाया, अखिलेश यादव ने कहाकि शिक्षक महीनों से आंदोलन कर रहे हैं। सड़कों में प्रदर्शन से लेकर मंत्रियों को घेरा, निचली अदालत से लेकर हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट कर लड़ाई लड़ रहे हैं लेकिन सरकार खासतौर पर पिछड़ों और दलितों का हक छीन रही है।
अखिलेश यादव यहीं नहीं रुके उन्होंने जौहर यूनिवर्सिटी का मुद्दा भी और कहा सरकार नई यूनिवर्सिटी बना तो नहीं पायी किसी ने मेहनत से निजी यूनिवर्सिटी बनायी तो उस पर हथौड़े चलाने जा रहा है। उन्होंने उच्च शिक्षा में भर्तियों का भी मुद्दा उठाया, उन्होंने यह आरोप लगाकर आरएसएस की तरफ इशारा किया कि सभी पदों पर एक संघ से जुड़े लोगों को बैठाया जा रहा है। इस तरह यूपी से जुड़े कई मुद्दे उन्होंने सदन में उठाए।
अखिलेश याद ने जब जंतर-मंतर पर युवाओं से बरबरता का मुद्दा उठाया तो भाजपा ने ही उनको हमले का एक और मौका दे दिया। संसदीय कार्यमंत्री किरण रिजिजू ने अखिलेश यादव से सवाल किया कि क्या वह इमरजेंसी भूल गए, इस पर अखिलेश यादव ने जवाब दिया कि उन्होंने इमरजेंसी तो नहीं देखी लेकिन उसके बारे में सुना है औ उनको जंतर-मंतर में वह सब देखने को भी मिल गया। उन्होंने कहा यहां तो सरकार ने इमरजेंसी से एक कदम बढ़कर युवाओं पर जुल्म किया। उन्होंने कहाकि इमरजेंसी अगर इन्हें याद आ गई है तो यह भी याद करिए इमरजेंसी के बाद बदलाव हुआ था, इस इमरजेंसी के बाद भी बदलाव होगा।
अखिलेश यादव चढ़ावा चोरी का मामला सदन में उठाने से भी नहीं चूके। हालांकि उन्होंने कहाकि यह समय यह मुद्दा उठाने का समय नहीं है लेकिन इनको तो भगवान भी माफ नहीं करेगा। इन्होंने भगवान का चंदा भी चोरी कर लिया, चंदा तो चंदा इन्होंने गुप्त दान भी चोरी कर लिया। इस हमले के लिए भाजपा तैयार नहीं थी, शायद इसीलिए उधर से कोई जवाह नहीं आया। अखिलेश यादव ने संसद के बाहर धर्मेंद्र प्रधान के स्वागत पर भी तंज कसा कि एक प्रधान को हटाकर अपने प्रधान जी यानी प्रधानमंत्री जी को बचा लिया।
