नई दिल्ली, न्यूज प्लस। युवा आंदोलन को लेकर जंतर-मंतर से लेकर सदन और सड़क तक हमलों से परेशान सरकार अब झुकती नजर आ रही है। अब सरकार हर स्तर पर बात करने को तैयार है, बुधवार को पहली बार सरकार की तरफ से ही बातचीत की पहल की गई है।
विपक्ष जब नीट पेपर लीक औक युवा आंदोलन को लेकर सदन में चर्चा की मांग कर रही थी तब उसकी आवाज नहीं सुनी जा रही थी, यहां तक राहुल गांधी इस मुद्दे पर स्पीकर ओम बिरला से मिले लेकिन बात नहीं बनी। प्रधानमंत्री आवास के सामने राहुल और विपक्ष के धरने के बाद जब देश भर में गलत संदेश जाने लगा तब सरकार की ओर से दोनों सदनों में इस पर चर्चा की पहल शुरू हो गई। बुधवार को खुद केंद्रीय मत्री किरण रिजीजू ने कहा सरकार के लिए तैयार है।
इधर सरकार ने आंदोलनरत सीजपी बात करने को भीतैयार हो गई। जिस सोनम वांगचुक से 32 दिन के अनशन के बाद भी सरकार की ओर से कोई बाद करने नहीं गया अचानक मंगलवार को जेपी नड्डा और मंत्री जीतेन्द्र सिंह उनसे मिलने मेदांता अस्पताल पहुंच गए। अब सरकार जंतर-मंतर पर बैठे सीजेपी नेताओं से भी मिलने की बात कर रही है, हालांकि सीजेपी की ओर से साफ कर दिया गया है वह सरकार के पास नहीं जाएंगे जो बात करनी है सरकार जंतर-मंतर पर आकर करे। अब सरकार की ओर से संकेत आ रहे हैं कि जेपी नड्डा और जीतेन्द्र सिंह कभी भी जंतर-मंतर सीजेपी चीफ अभिजीत दीपके से मिलने जा सकते हैं।
