logo

BREAKING NEWS
साफ्ट हिन्दुत्व और पीडीए पर कायम सपा, AIMIM से रहेगी दूर

साफ्ट हिन्दुत्व और पीडीए पर कायम सपा, AIMIM से रहेगी दूर

लखनऊ, न्यूज प्लस। उत्तर प्रदेश का बैटल सामने है, सारे दल अपनी-अपनी रणनीति और अपने नेरेटिव पर आगे बढ़ चुके हैं। भाजपा शुरुआत से कट्टर हिन्दुत्व पर कायम थी, चढ़ावा चोरी से बाद विपक्ष के हमले से तिलमिलाई भाजपा ने हिन्दुत्व कट्टरता को और धार दे दी है। अब सपा के सामने हिन्दुत्व को लेकर असमंजस था, केवल एमवाई फैक्टर से सपा सरकार नहीं बना सकती इसलिए उसने अब मुस्लिम और पीडीए के साथ साफ्ट हिन्दुत्व का रास्ता चुना है।

उप्र में AIMIM की इंट्री ने सपा को हिनदुत्व के मुद्दे पर थोड़ा विचलित जरूर किया लेकिन उसने साफ्ट हिन्दुत्व का रास्ता ही सही माना है। AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने यूपी में इंट्री करते ही बिहार की तरह विपक्ष खासकर सपा और कांग्रेस को गठबंधन का ऑफर दे दिया। उनको पता है कि बिहार की तरह यहां भी कोई उनके साथ नहीं जाना चाहेगा फिर भी एक राजनीतिक खेल उन्होंने खेला है, ताकि जनता को वह बता सकें कि वह तो भाजपा को हराने के लिए विपक्ष के साथ चुनाव लड़ना चाहते थे लेकिन विपक्ष ही साथ नहीं आया। इस खेल से वह कुछ मुस्लिम वोट जरूर पा सकते हैं लेकिन क्या भाजपा को हराने के नाम पर और सपा के हिन्दुत्व की तरफ झुकने के नाम पर उनको पूरा मुस्लिम वोट उनकी तरफ झुकेगा यह मुश्किल है।

सपा जानती है कि मुस्लिमों में एक संदेश साफ है कि यूपी में भाजपा को कोई हरा सकता है तो वह सपा-कांग्रेस गंठबंधन है। इसीलिए सपा मुस्लिम वोटों को साधने के साथ पीडीए और हिन्दुत्व की तरफ बढ़ी है। सपा के रणनीतिकार मुस्लिमों को यह संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं कि सत्ता के लिए हिन्दुओं का साथ भी जरूरी है ताकि मुस्लिम उससे न छिटकें। सपा की यह भी कोशिश होगी की कांग्रेस से गठबंधन के लिए कुछ समझौता भी करना पड़े तो वह करेगी लकिन AIMIM से दूरी बनाकर रहेगी जिसे सपा हमेशा भाजपा की बी टीम कहती रही है।  

Leave Your Comment