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दिल्ली की सड़कों पर यूपी के दो लड़के साथ-साथ या राहें होंगी अलग

दिल्ली की सड़कों पर यूपी के दो लड़के साथ-साथ या राहें होंगी अलग

नई दिल्ली, न्यूज प्लस। 33 दिनों से जारी कॉकरोच जनता पार्टी का आंदोलन शुरुआत के 18 दिन तक शुद्ध रूप से युवाओं के हाथ में था, इसके बाद आप, सपा और सांसद चंद्रशेखर कूद पड़े। कांग्रेस इस समय तक भी आंदोलन से दूर थी लेकिन 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान लाठीचार्ज और युवाओं के साथ बरबरता को लेकर कांग्रेस अचानक मुखर हो गई। 

कांग्रेस हो या सपा उनको यूपी का चुनाव सामने दिख रहा है, उधर आप पंजाब का चुनाव देख रही है। छात्रों-युवाओं के मुद्दे पर मंगलवार शाम राहुल गांधी प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरने पर बैठे तो अखिलेश यादव भी भाई धर्मेन्द्र यादव और दूसरे सांसदों के साथ वहां पहुंच गए। उन्होंने कहा युवाओं के मुद्दों पर वह एक साथ हैं। पुलिस ने राहुल और अखिलेश दोनों को वहां से जबरन उठाया और बसों में भर ले गई। इसके बाद सुबह राहल गांधी और पूरी कांग्रेस ने काले कपड़े पहन कर सदन के बाहर प्रदर्शन शुरू किया तो अखिलेश भी सपा सांसदों के साथ काले कपड़े पहन कर पहुंच गए और प्रदर्शन में शामिल हुए।

सड़क पर अखिलेश और राहुल साथ नजर आए लेकिन सदन के अंदर यह दोस्ती टूटती नजर आयी। सदन में भाजपा की ओर से जब छात्रों के मुद्दे पर चर्चा के लिए कहा गया तो कांग्रेस की तरफ से कहा गया कि जब तक शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते वह कोई चर्चा नहीं होने देंगे। इस पर अखिलेश खड़े हुए और बोले वह पहले चर्चा चाहते हैं, इस्तीफा तो होता रहेगा। उन्होंने सदन के अदर भाजपा और कांग्रेस की ओर इशारा करते हुए कहा कि आप लोग एक हो गए और हमको किनारे कर दिया ऐसा नहीं होने देंगे। जाहिर है उन्होंने कांग्रेस पर भाजपा से मिलने का आरोप लगाया। इसस माना जा रहा है कि कांग्रेस और सपा के बीच की तल्खी अभी कम होने का काम नहीं ले रही हैष

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