नई दिल्ली, न्यूज प्लस। इथेनॉल यानी ई-20 को लेकर केंद्र सरकार की नई सफाई दी गई है, लेकिन पूरी सच्चाई अब भी छिपा ली गई है। सरकार की ओर से कहा गया है ई-15 प्लस तो देश में एक साल से ऊपर से दिया जा रहा है, इससे गाड़ियां खराब नहीं हुईं तो अब कैसे खराब होने लगीं लेकिन सरकार ने यह नहीं बताया कि माइलेज कम होगा यह हमने छिपा लिया।
दरअसल ई-20 पर बहस सुप्रीम कोर्ट में भारत सरकार की ओर से दिए गए अटार्नी जनरल के उस बयान से शुरू हुई जिसमें उन्होंने कहाकि इस पर प्रयोग अभी जारी है और एक साल में रिजल्ट सामने आने पर इसके लागू होने पर फैसला होगा। उनके इस बयान के बाद पता चला ई-20 तो सरकार ने लागू कर दिया है और सभी पंपों पर यही पोट्रेल मिल रहा है। इस पर पूरे देश से तमाम वीडियो सामने आने लगे किसी ने कहा कार खराब हो गई तो किसी ने कहा अचानक माइलेज कम हो गया। विपक्ष ने भी सरकार पर हमला बोला, खासकर अरविन्द केजरीवाल ने 100 से अधिक ऑटोमोबाइल कंपनियों को पत्र लिख डाले और पूछा ई-20 से कारों पर क्या असर पड़ रहा है।
इस पर केंद्र सरकार की ओर से बाकायदा प्रेस कांफ्रेस बुलाकर सफाई दी गई और अब पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी ने सफाई दी है कि ई-20 से कोई नुकसान नहीं है। उन्होंने कहाकि ई-15 प्लस पेट्रोल तो एक साल से दिया रहा है, उससे गाड़ियों को कोई नुकसान नहीं हुआ। उन्होंने कहा ई-20 से भी कोई नुकसान नहीं है, उन्होंने कहा विपक्ष की मानें तो सड़कों पर सैकड़ों गाड़ियां खड़ी नजर आतीं। इंश्योरेंस कंपनियों को इतना पैसा देना पड़ता कि वह बर्बाद हो जातीं और प्रीमियम बढ़ देतीं और ऑटो मोबाइल कंपनियों का भट्ठा बैठ जाता जिससे चारो तरफ हाहाकार मच जाता।
सच्चाई यह है कि ई-20 से गाड़ियां भले खराब न हो रही हों लेकिन माइलेज तो कम हुआ है जिसके बारे में सरकार ने कुछ नहीं बताया। लोगों को पेट्रोल में मिलाए गए इथेनॉल से घटी लागत का फायदा तो नहीं मिला लेकिन माइलेज जरूर कम हो गया। जाहिर है लोगों को इसका नुकसान तो हुआ लेकिन फायदा सरकार और कंपनियो ने उठाया। यह बातें सरकार छिपाती रही और अब जब समूचा विपक्ष इस पर सावल पूछ रहा है, आम जनता भी सच्चाई जानना चाहती है तब भी तमाम सफाई के बावजूद हरदीप पुरी यह नहीं बता रहे हैं कि इथेनॉल मिलाने से लागत घटी है तो जनता को इसका फायदा कम मिलेगा।
