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बैटल-2027-क्या भाजपा की पिच पर खेल पाएंगे अखिलेश, क्या भाजपा के योद्धा गीली पिच पर कर पाएंगे बैटिंग

बैटल-2027-क्या भाजपा की पिच पर खेल पाएंगे अखिलेश, क्या भाजपा के योद्धा गीली पिच पर कर पाएंगे बैटिंग

लखनऊ, राजबीर सिंह, न्यूज प्लस। क्या अखिलेश यादव बीजेपी की पिच पर खेल रहे हैं, क्या अखिलेश नया नरेटिव सेट कर रहे हैं, क्या अखिलेश नई पिच पर छक्का लगा पाएंगे या बीजेपी अपनी पिच और अपने एजेंडे पर अखिलेश को पछाड़ देगी या फिर चढ़ावा चोरी के बाद बीजेपी की पिच गीली हो गई है और उसके योद्धा फिसल जाएंगे। जी हां यह पिच है सनातन की....यूपी-2027 बैटल की सबसे बड़ी तनातनी इसी पर है कि कौन बड़ा सनातनी है।

यूपी विधानसभा की विसात बिछ चुकी है, सीएम योगी ने ताबड़तोड़ रैलियां शुरू कर दी हैं। हर रोज जिलों को सैकड़ो करोड़ की सौगात बांट रहे हैं, अभी महिलाओं से लेकर किसानों तक को रेवड़ी बंटनी बाकी है। भाजपा का एजेंडा शुरू से हिन्दू-मुस्लिम का रहा है, इसी पिच पर उसने बिहार और फिर पश्चिम बंगाल जीता। इन दो प्रदेशों का हाल देख अखिलेश यादव ने पीडीए के साथ सनातन की पिच पर कदम बढ़ा दिए हैं, उन्होंने बड़े मंगल पर भंडारा बांटा, मंदिरों में दर्शन को गए और सनातन की बात शुरू कर दी। उनके नए रूप पर भाजपा खासकर सीएम योगी हमलावर थे, इस बीच अखिलेश यादव ने श्रीराम मंदिर चढ़ावा चोरी का खुलासा कर सपा समेत समूचे विपक्ष को भाजपा पर हमले का बड़ा मुद्दा दे दिया।

चढ़ावा चोरी पर घिरी भाजपा पर हमलावर अखिलेश यादव अब पूरी तरह सनातन की पिच पर खेल रहे हैं और अपने लिए नया नेरेटिव सेट कर रहे हैं। वह शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानन्द की शरण में पहुंच गए, उनके चरणों में बैठकर आशीर्वाद लिया। गौ माता को राष्ट्रीय सम्मान का मुद्दा उठाया और बोले समाजवाद ही सनातन है। चढ़ावा चोरी पर बोल रहे हैं कि यह माहपाप है चढ़ावा चेरी से बड़ा कोई पाप नहीं है, उन्होंने महापाप किया है। वह कह रहे हैं कि गजनी-औऱंगजेब को सबने इतिहास पढ़ा है लेकिन आज जनता सामने राम मंदिर लुटता देख रही है। अखिलेश कह रहे हैं ये राम नहीं नाथूराम के भक्त हैं, जो राम का नहीं हुआ जनता का क्या होगा।

अखिलेश का नई पिच पर खेल उनके लिए खतरनाक भी हो सकता है, क्या दूसरे की पिच पर खेलकर वह सफल हो पाएंगे। जिस पिच पर खेलकर भाजपा केंद्र से लेकर तमाम प्रदेशों में राज कर रही है और जिस पिच पर उसकी महारत हासिल है कहीं ऐसा न हो यह अखिलेश के लिए बैक फायर साबित हो जाए। फिलहाल योगी और अखिलेश सनातन पर आमने-सामने हैं। सीएम योगी कह रहे हैं कि आस्था पर प्रहार राम विरोधियों की कुचिल चाल है। वह अब वक्फ तक आ गए हैं, उन्होंने वक्फ में अरबों के घोटाले पर चुप रहने और चढ़ावा चोरी पर शोर मचाने वाले अखिलेश को घेरना शुरू किया तो उनके मंत्री वक्फ बोर्ड का सिगूफा ले आए। उन्होंने भी घोषणा कर दी कि सुन्नी वक्फ बोर्ड गठन में अब दो हिन्दू और दो महिलाएं होंगी। 

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