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तो क्या डर गए ट्रंप, मौत का डर सताया तो रूट के साथ एयरफोर्स वन भी बदल दिया

तो क्या डर गए ट्रंप, मौत का डर सताया तो रूट के साथ एयरफोर्स वन भी बदल दिया

नई दिल्ली, न्यूज प्लस। यह सही है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के टारगेट पर हैं। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई की अंतिम यात्रा में जुटे लाखों ईरानियों ने ट्रंप को मारने की कसमें खायीं। इससे क्या ट्रंप डर गए हैं, वह जान बचाने के लिए अपने रूट बदल रहे हैं, इतना ही नहीं बीच रास्ते वह अपना एयरफोर्स वन भी बदल रहे हैं। यह देखने को मिला उनकी हाल के तुर्किए यात्रा के दौरान।

डोनाल्ड ट्रंप नॉटो सम्मेलन में हिस्सा लेने तुर्किए पहुंचे थे, तुर्किए की सीमा ईरान से मिलती है। जाहिर है ट्रंप को खतरा था, इजराइली खुफिया एजेंसी ने भी अमेरिका को ऐसे कुछ इनपुट दिए कि उन पर कभी भी हमला हो सकता है। इससे शायद ट्रंप डर गए- दुनिया के सबसे ताकतवर सख्स, जमीन हो या आसमान सुरक्षा ऐसी कि परिंदा भी पर न मार सके और सबसे ताकतवर मिलेट्री का कंट्रोल रखने वाले ट्रंप का डर तुर्किए से लौटते समय साफ देखने को मिला।

डोनाल्ड ट्रंप कतर से तोहफे में मिले 400 मिलियन डॉलर वाले अपने नए एयरफेर्स वन में सवार होकर तुर्किए पहुंचे थे। पीछे से उनका पुराना एयरफोर्स वन भी तुर्किए पहुंच गया। तुर्किए से वह नए एयरफोर्स वन के बजाय पुराने एयरफोर्ल वन पर सवार हुए। उनके साथ तुर्किए गए पत्रकार जब वापसी के लिए पुराने एयरफोर्स वन प सवार हुए तो उनके खिड़कियों के पर्दे बंद रखने की हिदायत दी गई। डर था कि सीमा पार से ईरान मिसाइल हमला कर सकता है, क्योंकि ईरान के पास ऐसी मिसाइलें हैं जिनकी मार तुर्किए तक है। 

जब ट्रंप तुर्किए के अंकारा एयरपोर्ट पर पुराने एयरफोर्स वन पर सवार हुए जिसे कुछ दिन पहले ही रिटायर किया गया है तो सवाल उठना लाजिमी था। उनकी सुरक्षा बढ़ाई गई तब लोगों को शंका हुई और ट्रंप को डर की चर्चाएं शुरू हो गईं। ट्रंप ने यहां से अपना रूट बदला और पुराने एयरफोर्स वन से ब्रिटेन अमेरिकी एयरबेस पर पहुंच गए। माना गया कि उन्होंने तुर्किएं से नए एयरफोर्स वन पर सफर इसलिए नहीं किया कि उसमें मिसाइल का पता लगाने और उसे नष्ट करने वाला एडवांस मिसाइल सिस्टम नहीं है। इसीलिए अंतिम समय में प्लेन बदलने का फैसला किया गया। इससे पहले नए एयरफोर्स वन को ब्रिटेन भेज दिया गया था। यहां कुछ देर रुकने के बाद ट्रंप ने फिर नए एयरफोर्स वन पर सवार होकर अमेरिका पहुंचे। इस बीच विमान में सारे वह उपाय किए गए ताकि उसे ट्रैक न किया जा सके। अमेरिका पहुंचकर ट्रंप से शायद राहत की सांस ली होगी, जब पूरी दुनिया में उनके डरने की चर्चाएं शुरू हुईं उन्होंने सफाई दि कि वह ब्रिटेन के अमेरिकी बेस में अपने सैनिकों को नया एयरफोर्स वन दिखाना चाहते थे इसलिए वहां रुके थे।

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