अहमदाबाद, न्यूज प्लस। देश की अब तक की सबसे बड़ी सजा को गुजरात हाईकोर्ट ने बरकार रखा है। निचली अदालत ने अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट में 38 अपराधियों के फांसी और 11 को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इन अपराधियों ने गुजरात हाईकोर्ट में अपील की लेकिन हाईकोर्ट ने उनकी कोई दलील नहीं मानी और सजा बरकरार रखी।
2008 में अहमदाबाद में 36 मिनट के अंदर 21 सीरियल ब्लास्ट हुए थे। इन धमाकों में 56 लोग मारे गए थे और सैकड़ों घायल हुए थे। गुजरात ही नहीं पूर देश तब सहम गया था। 18 साल की लम्बी सुनवाई के बाद निचली अदालत ने 38 दोषियों को सजा-ए-मौत की सजा दी जबकि 11 अपराधियों को उम्रकैद सुनवाई।
देश के किसी एक मुकदमे में अभी तक एक साथ इतने अपराधियों को फांसी की सजा नहीं सुनाई गई इसलिए इस सजा की पूरे देश में चर्चा हो रही है। इस बीच ब्लास्ट के लिए दोषी अपराधियों ने गुजरात हाईकोर्ट में अपील दाखिल की लेकिन हाईकोर्ट ने त्वरित सुनवाई करते हुए सजा में किसी भी माफी से इनकार कर दिया। हाईकोर्ट ने कहा ऐसे जघन्य अपराध जिसमें इतनी बड़ी संख्या में लोग मारे गए दोषी अपराधी कड़ी सजा के पात्र हैं और निचली अदालत की सजा को बरकरार रखा।
