लखनऊ, न्यूज प्लस। यूपी का बैटल-2027 सामने है, ऐसे कोई विवादित बयान तुरंत सियासी मुद्दा बन जाता है। इटावा के एक मौलाना ने झारखंड में भगवान श्रीकृष्ण को पांच वक्त का नमाजी बताया तो इस पर न केवल सियासी बहस छिड़ गई बल्कि साधु-संत भी विरोध में उतर आए। एक संत ने तो मौलाना की जीभ काटकर लाने वाले को 10 लाख के इनाम तक का ऐलान कर दिया।
इटावा का रहने वाला मौलाना जरजिश अंसारी 23 जून को झारखंड में तकरीर कर रहा था जिसका वीडियो अब सामने आया है। श्रीकृष्ण पर उसका विवादित बयान उस समय सामने आया है जब खुद सीएम योगी श्रीकृष्ण जन्म भूमि का मुद्दा अपनी सभाओं में उठा रहे हैं। मौलाना ने भगवान श्रीकृष्ण को मुसलमान और नमाजी बता डाला, उसने गीता के 6वें अध्याय के किसी श्लोक का जिक्र करते हुए बताया कि श्रीकृष्ण ने अर्जुन को उपदेश देते हुए कहा था कि ईश्वर की पूजा पूरे योग से करना चाहिए यानी नमाज की तरह ईश्वर को याद करना चाहिए। मौलाना यहीं तक नहीं रुके, उन्होंने इस विवाद में श्रीराम को भी घसीट लिया।
मौलाना का विवादित बयान वायरल होते ही इस पर बहस छिड़ गई, अयोध्या के महंत विष्णुदास ने ऐलान कर डाला कि जो मौलाना की जीभ काटकर लाएगा उसे 10 लाख का इनाम मिलेगा। उन्होंने कहा मौलाना पर देशद्रोह का मुकदमा चले या भारत से पाकिस्तान भगा दें। इसी के साथ वृंदावन के कई संत भी मौलाना के खिलाफ कूद पड़े हैं। हिन्दू महासभा एक कदम आगे लखनऊ की हजरतगंज कोतवाली पहुंच गई और मौलाना के खिलाफ मुकदमे के लिए तहरीर पुलिस को सौंपी। मौलाना पर हिन्दू देवी देवताओं के अपमान का आरोप लगाया और सवाल उठाया योगी सरकार चुप क्यों है।
चुनाव नजदीक है इसलिए सियासत भी गरमा गई, भाजपा ने मौलाना को सपा के पेरोल वाला बताया। भाजपा ने कहा सपा ऐसे मौलानाओं से बयान दिलवाकर विवाद खड़े करती है। दूसरी तरफ सपा बयान आया कि किसी को भी किसी धर्म पर टिप्पणी से बचना चाहिए। सपा ने भाजपा पर बंटवारे की राजनीति कराने वाली पार्टी बताया।
