नई दिल्ली, न्यूज प्लस। सालों से देश का भविष्य संवारने वाले वैज्ञानिक सोनम वांगचुक क्या दिल्ली के जंतर-मंतर में अनशन करते-करते दम तोड़ देंगे और देश के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपनी कुर्सी पर जमे रहेंगे। यह बड़ा सवाल इस समय देश के हर नागरिक के जेहन में है, लोग सरकार के रुख का इंतजार कर रहे हैं। जैसे-जैसे सोनम वांगचुक की सेहत गिर रही है, पूरे देश से उनको समर्थन बढ़ रहा है, बड़ी संख्या में यूथ उनके समर्थन में खड़ा हो रहा है।
सोनम वांगचुक नीट पर्चा आउट से दी हैं, इसके बाद कई छात्रों ने आत्महत्या की थी। शिक्षा प्रणाली में सुधार और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माग को लेकर 18 दिनों से अनशन पर हैं, हर रोज उनकी हालत बिगड़ती जा रही है। पूरे देश में बहस छिड़ गई है कि देश के लिए सोनम वांगचुक की जरूरत है या धर्मेंद्र प्रधान की जिनके समय लगातार पर्चे आउट हो रहे हैं और युवा आत्महत्या कर रहे हैं। एक समय था जब आमिर खान ने सोनम वांगचुक पर थ्री ईडियट फिल्म बनायी थी और पूरे देश में उनको हाथोंहाथ लिया गया था।
सोनम वांगचुक ने लद्दाख में बड़े काम किए हैं, गरीब छात्रों का भविष्य संवारने के लिए उन्होंने अपनी जिंदगी खपा दी, लेकिन एक समय ऐसा आया उनको जेल में डाल दिया गया। उनके अनशन को देश भर से सर्थन मिल रहा है, बड़ी संख्या में युवा दिल्ली पहुंच रहे हैं। सोनम वांगचुक ने 20 जुलाई को मानसून सत्र के पहले दिन संसद कूच का ऐलान किया है। सोनम वांगचुक ने राहुल गांधी, अखिलेश यादव, अरविन्द केजरीवाल समेत तमाम नेताओं को पत्र लिखकर समर्थन मांगा है। अखिलेश, अरविन्द केजरीवाल समेत तमाम नेताओं ने उनके समर्थन का ऐलान कर दिया है, इनमें से कई नेता उनसे मिलने जंतर-मंतर भी जा सकते हैं। तमाम दलों के नेता और बुद्धजीवी जंतर-मंतर पहुंच भी रहे हैं। अभी कांग्रेस की तरफ से कोई नहीं पहुंचा लेकिन माना जा रहा है राहुल गांधी वहां जा सकते हैं लेकिन क्या सरकार पर कुछ असर होगा।
तमाम बुद्धजीवियों का मानना है कि जो हाल प्रोफेसर जीडी अग्रवाल का हुआ था ही सोनम वांगचुक का सकता है। आईआईटी कानपुर में प्रोफेसर रहे पर्यावरणविद् जीडी अग्रवाल ने 2018 में 111 दिन का अनशन पर्यावरण खासकर गंगा को प्रदूषण से बचाने के लिए अनशन किया था लेकिन सरकार ने उन पर कोई ध्यान नहीं दिया अंततः ऋषिकेस में उनकी मौत हो गई। यही हाल सोनम वांगचुक का है 18 दिन के अनशन के बाद भी न तो सरकार की तरफ से कोई बयान आया और न शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने किसी तरह दुख जाहिर किया। अब देखना होगा सोनम वांगचुक बचेंगे, क्या कोई बड़ा आंदोलन खड़ा होगा या फिर धर्मेंद्र प्रधान कुर्सी छोड़ेंगे।
