गुरुग्राम के सुशांत लोक फेज-2 में हुई पुलिस मुठभेड़ के बाद दीपक नांदल गैंग फिर चर्चा में आ गया है। पुलिस के मुताबिक एनकाउंटर में गैंग के 4 शूटर मारे गए, जबकि एक घायल हुआ है। शुरुआती जांच के अनुसार कारोबारी विशाल बेरी से कथित तौर पर 1 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई थी। आरोप है कि रकम नहीं मिलने पर बदमाश उनके घर पहुंचे और फायरिंग कर दी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने सरेंडर करने के बजाय गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में मुठभेड़ हुई। इस कार्रवाई में 3 पुलिसकर्मी भी घायल हुए।
कौन है दीपक नांदल?
पुलिस के अनुसार दीपक नांदल हरियाणा के सोनीपत जिले के जाजल गांव का रहने वाला है। बताया जाता है कि अपराध की दुनिया में आने से पहले वह हरियाणवी म्यूजिक इंडस्ट्री में प्रोड्यूसर के तौर पर काम करता था। बाद में उसका नाम हत्या, अपहरण, रंगदारी और फायरिंग जैसे कई गंभीर मामलों में सामने आया। जांच एजेंसियों का दावा है कि वह फिलहाल विदेश में रहकर अपने गैंग का संचालन कर रहा है। पुलिस को आशंका है कि वह इंटरनेट कॉलिंग, विदेशी नंबर और सोशल मीडिया के जरिए अपने साथियों को निर्देश देता है। उसका नेटवर्क दिल्ली-एनसीआर, गुरुग्राम, सोनीपत, रोहतक और हरियाणा के कई इलाकों तक फैला होने की बात कही जा रही है।
कई बड़े मामलों में आया नाम
जांच एजेंसियों के मुताबिक पिछले कुछ समय में इस गैंग का नाम कई चर्चित मामलों में सामने आया है। हरियाणवी गायक राहुल फाजिलपुरिया के मैनेजर के घर फायरिंग, गुरुग्राम के एक फैशन डिजाइनर के शोरूम पर गोलीबारी और एक बड़े बिल्डर से रंगदारी मांगने जैसे मामलों में भी पुलिस ने इस गैंग का नाम जोड़ा है। अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया के जरिए धमकी देना और कारोबारियों में डर का माहौल बनाना गैंग की कथित रणनीति का हिस्सा रहा है। कई मामलों में पुलिस पहले भी गैंग के सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई कर चुकी है।
अब जांच का फोकस क्या है?
गुरुग्राम एनकाउंटर के बाद पुलिस का मानना है कि गैंग को बड़ा झटका लगा है, लेकिन जांच अभी जारी है। अब एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि गैंग का नेटवर्क किन-किन लोगों तक फैला है और विदेश में बैठे उसके सरगना तक कैसे पहुंचा जाए। पुलिस डिजिटल रिकॉर्ड, कॉल डिटेल, वित्तीय लेनदेन और अन्य सबूतों की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि गैंग से जुड़े बाकी लोगों की भी पहचान की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
