बेंगलुरु, न्यूज प्लस। भारत सरकार की उड़ान योजना को अब नई उड़ान मिलने वाली है। बेंगलुरु की नेशनल एयरोस्पेस लेबोरट्रीज ने (CSIR) ने एक ऐसा छोटा औ हल्का स्वदेशी विमान बनाया है जो बहुत कम खर्चे में उड़ान भरेगा, यात्री टिकट सस्ते होने से गरीब भी इस विमान में उड़ान भर सकेगा।
बेंगलुरु CSIR ने पूरी तरह स्वदेशी 19 सीटर हल्का विमान बनाकर देश के एविएशन क्षेत्र में नई क्रांति की दिशा में कदम रख दिया है। इस विमान का प्रयोग घरेलू उड़ानों के साथ एयर एंबुलेंस और चार्टर के रूप में किया जा सकेगा। दूरस्थ और पहाड़ी इलाकों में उड़ान भरने के लिए यह विमान बहुत मुफीद साबित होगा।
दरअसल देश के अंदर यानी घरेलू उड़ानों के लिए एक ऐसे विमान की जरूरत थी जो हल्का हो यानी ईंधन का खर्चा कम हो और उतनी ही सीटें हों जितने की जरूरत हो। देश के कई शहरों के बीच ऐसी फ्लाइट्स हैं जिनमें पैसेंजर कम होते हैं लेकिन बड़े विदेशी विमानों के इस्तेमाल की मजबूरी है। विदेशी विमान महंगे होने के साथ इनमें ईंधन का खर्च भी अधिक है इसलिए यात्री टिकट भी मंहगे होते हैं। बेंगलुरु CSIR ने बाखूबी हल्के विमान की मांग को पूरा किया है, इसी के साथ देश में मेड इन इंडिया यात्री विमानों के निर्माण का रास्ता भी साफ हो गया है।
बेंगलुरु CSIR में डिजाइन किया गए सारस की कई विशेषताएं हैं, इसे दूर दराज के इलाकों, पहाड़ी क्षेत्रों और छोटे हवाई अड्डों के बीच क्षेत्रीय संपर्क बढ़ाने के इरादे से डिजाइन किया गया है। इसमें अत्याधुनिक ग्लास कॉकपिट, डिजिटल एवियोनिक्स और ऑटोपायलट सिस्टम की सुविधा है। बेंगलुरु CSIR का दावा है कि विमान में दबावयुक्त केबिन इसका संचालन खर्च विदेश से आयातित विमानों से काफी कम होगा। यह विमान आत्मनिर्भर भारत की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा और शायद भारत सरकार की उड़ान योजना को बड़ी उड़ान मिलेगी।
