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Deepfake Scam Alert: AI से हो रही नई साइबर ठगी, नकली आवाज और वीडियो से ऐसे बन रहे लोग शिकार

Deepfake Scam Alert: AI से हो रही नई साइबर ठगी, नकली आवाज और वीडियो से ऐसे बन रहे लोग शिकार

डिजिटल तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर ठगी के तरीके भी बदल गए हैं। अब सिर्फ कॉल या मैसेज ही नहीं, बल्कि AI की मदद से तैयार किए गए डीपफेक वीडियो और वॉयस क्लोनिंग के जरिए लोगों को ठगा जा रहा है। ठग किसी परिचित की आवाज या चेहरा कॉपी कर पैसों, OTP और बैंकिंग जानकारी की मांग करते हैं, जिससे लोग आसानी से झांसे में आ जाते हैं।

क्या होता है डीपफेक स्कैम?

डीपफेक तकनीक में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से किसी भी व्यक्ति की नकली आवाज, फोटो या वीडियो तैयार किया जाता है। कई बार यह इतना असली दिखाई देता है कि आम लोगों के लिए असली और नकली में फर्क करना मुश्किल हो जाता है। इसी वजह से साइबर अपराध के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है।

ऐसे पहचानें नकली ऑडियो और वीडियो

यूपी साइबर पुलिस के मुताबिक अगर किसी परिचित के नाम से वीडियो या ऑडियो मिले और उसमें पैसे या गोपनीय जानकारी मांगी जाए तो पहले सीधे फोन करके पुष्टि करें। डीपफेक वीडियो में अक्सर होंठ और आवाज का तालमेल बिगड़ा हुआ दिखता है, चेहरे के हाव-भाव अस्वाभाविक लगते हैं, आंखों की गतिविधि सामान्य नहीं होती और आवाज रोबोट जैसी महसूस हो सकती है।

ठगी से बचने के लिए अपनाएं ये सावधानियां

सोशल मीडिया पर अपनी आवाज, वीडियो और निजी जानकारी कम से कम साझा करें। किसी भी संदिग्ध वीडियो कॉल, ऑडियो या मैसेज के आधार पर पैसे, OTP, पासवर्ड या बैंकिंग जानकारी साझा न करें। किसी भी वित्तीय लेनदेन से पहले संबंधित व्यक्ति से सीधे बात करके उसकी पहचान की पुष्टि जरूर करें। सतर्कता ही इस नई AI आधारित साइबर ठगी से बचने का सबसे प्रभावी तरीका है।

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