आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग अनजाने में जरूरत से ज्यादा चीनी का सेवन कर रहे हैं। चाय, कॉफी, मिठाई, कोल्ड ड्रिंक, पैकेज्ड जूस, बिस्किट और प्रोसेस्ड फूड के जरिए शरीर में रोज काफी मात्रा में अतिरिक्त चीनी पहुंच जाती है। लंबे समय तक इसका अधिक सेवन मोटापा, डायबिटीज और दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ा सकता है। इसलिए विशेषज्ञ संतुलित मात्रा में चीनी लेने की सलाह देते हैं।
WHO क्या कहता है?
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक, एक व्यक्ति की रोजाना कुल कैलोरी का 10% से अधिक हिस्सा अतिरिक्त (Free Sugar) चीनी से नहीं होना चाहिए। यह करीब 50 ग्राम (लगभग 12 चम्मच) के बराबर है। बेहतर स्वास्थ्य के लिए WHO इसे 5% यानी करीब 25 ग्राम (लगभग 6 चम्मच) तक सीमित रखने की सलाह देता है। यह सीमा चाय, मिठाई, मीठे पेय और प्रोसेस्ड फूड से मिलने वाली अतिरिक्त चीनी पर लागू होती है, जबकि फलों और दूध में मौजूद प्राकृतिक शर्करा इसमें शामिल नहीं होती।
चीनी कम करने से क्या फायदे हो सकते हैं?
चीनी का सेवन कम करने से वजन नियंत्रित रखने में मदद मिल सकती है। ब्लड शुगर अधिक स्थिर रहता है, जिससे टाइप-2 डायबिटीज का जोखिम कम हो सकता है। इसके अलावा हृदय स्वास्थ्य बेहतर रहने, दांतों को नुकसान और कैविटी का खतरा घटने, त्वचा संबंधी समस्याएं कम होने और दिनभर ऊर्जा का स्तर अधिक संतुलित रहने जैसे फायदे भी मिल सकते हैं।
इन चीजों में छिपी होती है ज्यादा चीनी
कई ऐसे खाद्य पदार्थ हैं जिनमें जरूरत से ज्यादा चीनी होती है, लेकिन लोग अक्सर इस पर ध्यान नहीं देते। कोल्ड ड्रिंक, पैकेज्ड जूस, एनर्जी ड्रिंक, बिस्किट, केक, चॉकलेट, मिठाइयां, फ्लेवर्ड दही, ब्रेकफास्ट सीरियल, टोमैटो केचप, विभिन्न सॉस और रेडी-टू-ईट फूड में अतिरिक्त चीनी की मात्रा काफी अधिक हो सकती है। इसलिए खरीदारी करते समय फूड लेबल पढ़ना जरूरी है।
क्या पूरी तरह चीनी छोड़ देना सही है?
विशेषज्ञों के अनुसार, हर व्यक्ति के लिए पूरी तरह चीनी छोड़ना जरूरी नहीं होता। सबसे महत्वपूर्ण बात अतिरिक्त चीनी का सेवन कम करना और संतुलित आहार अपनाना है। फल, साबुत अनाज, दालें और प्राकृतिक खाद्य पदार्थ शरीर को जरूरी पोषक तत्व भी देते हैं। यदि किसी व्यक्ति को डायबिटीज या अन्य स्वास्थ्य समस्या है, तो डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह के अनुसार ही खानपान में बदलाव करना चाहिए।
छोटे बदलाव, बड़ा फायदा
अगर आप रोजाना मीठे पेय कम करें, प्रोसेस्ड फूड की जगह ताजा भोजन चुनें और अतिरिक्त चीनी की मात्रा पर नजर रखें, तो लंबे समय में इसका सकारात्मक असर सेहत पर पड़ सकता है। WHO की सलाह भी यही है कि अतिरिक्त चीनी सीमित रखकर संतुलित जीवनशैली अपनाई जाए, ताकि भविष्य में कई गंभीर बीमारियों के जोखिम को कम किया जा सके।
