राम मंदिर चढ़ावा मामले में नया खुलासा! आरोपियों से जुड़ी 12 संपत्तियां जांच के घेरे में, SIT खंगाल रही पैसों का स्रोत
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) को आरोपियों से जुड़ी 12 संपत्तियों की जानकारी मिली है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इन संपत्तियों में से कितनी वैध आय से खरीदी गईं और क्या किसी संपत्ति का संबंध कथित चढ़ावा राशि से है। फिलहाल इस संबंध में कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
कई जगहों पर मिली संपत्तियों का रिकॉर्ड
जांच के दौरान अयोध्या, बसावा, मिल्कीपुर, रुदौली समेत कई स्थानों पर संपत्तियों का पता चला है। पुलिस के अनुसार कुछ संपत्तियां आरोपियों के नाम पर हैं, जबकि कुछ उनके परिवार के अन्य सदस्यों के नाम दर्ज हैं। प्रशासन सभी संपत्तियों के स्वामित्व और खरीद के वित्तीय स्रोतों की जांच कर रहा है।
संदिग्ध संपत्तियों पर हो सकती है कार्रवाई
प्रशासन का कहना है कि यदि जांच में यह साबित होता है कि कोई संपत्ति अवैध धन या कथित चढ़ावा राशि से खरीदी गई है, तो कानून के अनुसार उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल सभी दस्तावेजों और लेनदेन का सत्यापन किया जा रहा है।
ट्रस्ट पदाधिकारियों से भी हुई पूछताछ
SIT ने जांच के दौरान ट्रस्ट से जुड़े अनिल मिश्रा, गोपाल राव और चंपत राय से भी पूछताछ की है। सूत्रों के मुताबिक, जांच में बैंकिंग प्रक्रिया, आउटसोर्स कर्मचारियों की नियुक्ति और दान राशि की निगरानी व्यवस्था से जुड़े बिंदुओं पर जानकारी जुटाई गई। अधिकारियों ने इन बयानों का आपसी मिलान भी किया है।
आभूषणों को लेकर भी जांच जारी
जांच एजेंसियां उस संभावना की भी पड़ताल कर रही हैं कि कथित तौर पर चोरी हुए सोने-चांदी के आभूषणों की पहचान छिपाने के लिए उन्हें पिघलाया गया हो। हालांकि अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और जांच जारी है।
अभी जांच पूरी होना बाकी
SIT फिलहाल दस्तावेजों, बैंक रिकॉर्ड, संपत्तियों और अन्य साक्ष्यों का मिलान कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही किसी भी व्यक्ति की भूमिका या संपत्तियों के स्रोत को लेकर अंतिम निष्कर्ष सामने आएगा। फिलहाल मामले की जांच जारी है और आगे भी नए तथ्य सामने आ सकते हैं।
