अयोध्या, न्यूज प्लस। एक तरफ अयोध्या के संत चंपत राय के समर्थन में उतर आए हैं और बचाने के लिए लाबिंग शुरू कर दी है तो दूसरी तरफ बड़े संत सीएम योगी की तारीफों के पुल बांध रहे हैं, उनका कहना है एक संत (योगी) ही है जिसने प्रदेश की कानून व्यवस्था सुधार दी है, वह चढ़ावा चोरों को भी नहीं छोड़ेगा। हालांकि साथ में यह संत सीबीआई और ईडी जैसी संस्थाओं से जांच की मांग भी उठा रहे हैं।
ओजस्वी भारत फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष और जगतगुरु परमहंस आचार्य के उत्तराधिकारी, राजर्षि महंत एकनाथ महाराज ने राज्य सरकार की त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई पर विश्वास जताते हुए अपना लंबा मौन व्रत तोड़ दिया है। मौन व्रत तोड़ने के बाद पहले बयान में उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को साधुवाद देते हुए कहा कि आज एक बार फिर यह साबित हो गया है कि उत्तर प्रदेश का मुखिया और एक संत केवल और केवल न्याय के साथ खड़ा है।
हमारी आवाज को सर-आंखों पर रखा
राजर्षि महंत एकनाथ महाराज ने प्रदेश सरकार की सराहना करते हुए कहा, "मुझे इस बात की परम प्रसन्नता है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ संतों की आवाज को सर-आंखों पर रखा। जैसे ही हमने इस विषय पर आवाज उठाई, सरकार ने बिना किसी देरी के मामले को संज्ञान में लिया, त्वरित कार्रवाई की और आरोपियों को सलाखों के पीछे धकेल दिया। महंत एकनाथ ने स्पष्ट किया कि सरकार की इसी त्वरित और न्यायप्रिय कार्यप्रणाली से संतुष्ट होकर उन्होंने अपना मौन व्रत तोड़ा है।
चाहे कोई भी हो, योगीराज में किसी को माफी नहीं
महंत एकनाथ महाराज ने मुख्यमंत्री के दृढ़ नेतृत्व की तारीफ करते हुए कहा कि कुछ लोगों की नीयत खराब होने से पूरी सरकार मलिन नहीं होती। उन्होंने कहा कि चढ़ावा चोरी में जो भी शामिल था, सीएम योगी ने किसी को नहीं बख्शा। उन्होंने कहाकि मामले में तुरंत निष्पक्ष जांच बिठाई गई और दोषियों को उनके सही अंजाम तक पहुंचाया गया। उन्होंने विश्वास व्यक्त कि. कि राम मंदिर का पैसा वापस खजाने में लौटेगा।
भविष्य की कार्रवाई पर विश्वास जताते हुए महंत एकनाथ महाराज ने कहा कि उन्हें पूरी उम्मीद है कि इस पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने के लिए सरकार CBI) और ED केंद्रीय से भी जांच कराएगी। उन्होंने कहाकि राम मंदिर का जितना भी धन इस गड़बड़ी में गया है, उसे पूरी तरह वसूला जाएगा और एक-एक पैसा फिर से मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के मंदिर के सरकारी खजाने में वापस लौटेगा।
