ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के दौरान भी अमेरिका और ईरान के बीच बयानबाजी तेज रही। तेहरान में श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में लोग जुटे, जहां अमेरिका और इजराइल के खिलाफ नारे लगाए गए। इसी दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बयान भी चर्चा का विषय बन गया।
ट्रंप ने ईरान पर साधा निशाना
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने माउंट रशमोर में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि अमेरिका ने ईरान को अंतिम संस्कार की रस्में पूरी करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया। उन्होंने हालिया संघर्ष का जिक्र करते हुए दावा किया कि ईरान अब समझौते के लिए तैयार है। ट्रंप ने अपने संबोधन में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का भी बचाव किया।
तेहरान में लगे विरोध के नारे
दूसरी ओर, तेहरान के ग्रैंड मोसल्ला परिसर में अंतिम दर्शन के दौरान बड़ी संख्या में मौजूद लोगों ने "अमेरिका मुर्दाबाद", "इजराइल मुर्दाबाद" और "बदला" जैसे नारे लगाए। श्रद्धांजलि सभा में शामिल लोगों ने हाथों में खामेनेई की तस्वीरें लेकर उन्हें अंतिम विदाई दी।
श्रद्धांजलि देने पहुंचे कई विदेशी प्रतिनिधि
अंतिम संस्कार कार्यक्रम में विभिन्न देशों के प्रतिनिधिमंडल और वरिष्ठ नेता भी शामिल हुए। ईरानी अधिकारियों ने खामेनेई के पार्थिव शरीर को कांच के ताबूत में रखा, ताकि लोग अंतिम दर्शन कर सकें। उनके परिवार के कुछ अन्य सदस्यों के पार्थिव शरीर भी श्रद्धांजलि स्थल पर रखे गए।
मशहद में होगा अंतिम संस्कार
ईरानी अधिकारियों के अनुसार, अंतिम श्रद्धांजलि कार्यक्रम के बाद खामेनेई का अंतिम संस्कार उत्तर-पूर्वी ईरान के मशहद शहर में किया जाएगा। यह शहर उनका गृह क्षेत्र माना जाता है, जहां अंतिम धार्मिक रस्में पूरी होंगी।
तनावपूर्ण माहौल पर दुनिया की नजर
अंतिम संस्कार के दौरान आई राजनीतिक प्रतिक्रियाओं ने एक बार फिर अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव को सुर्खियों में ला दिया है। हालांकि दोनों देशों के बयानों के बीच भविष्य में कूटनीतिक स्थिति क्या होगी, इस पर अभी कोई आधिकारिक संकेत सामने नहीं आया है।
