न्यूज प्लस डेस्क, नई दिल्ली। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के मारे जाने के बाद ईरान ने उनके बेटे मोजतबा अली खामेनेई को सुप्रीम लीडर चुना गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को उनका बेटा इस पद पर कतई मंजूर नहीं है, उन्होंने कहा वह किसी कट्टर को ईरान के सुप्रीमो के रूप में बर्दाश्त नहीं कर सकते हैं।
किसी समय ईरान और इजराइल आपस में दोस्त थे और खुफिया से लेकर सैन्य जानकारियां आपस में साझा करते थे, दोनों एक-दूसरे की हर मामले में मदद करते थे। लेकिन 1979 में ईरान में इस्लामी क्रांति के बाद कमान सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के हाथ में आयी और यहीं से दोनों देशो के बीच खायी पड़ गई। एक समय ऐसा आया जब दोनों देश एक-दूसरे का वजूद स्वीकारने को तैयार नहीं थे। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने जब इजराइल का आस्तित्व समाप्त करने की कसम खायी तो अमेरिका बीच में आया और अंततः इजराइल के साथ मिलकर हमलाकर खामेनेई को मार दिया।
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के मारे जाने के बाद ईरान ने उनके बेटे मोजतबा अली खामेनेई को सुप्रीम लीडर चुन लिया है। इस ट्रंप की तुरंत प्रतिक्रिया आयी, उन्होंने कहा ईरान का सुप्रीम लीडर बिना उनकी सहमति के नहीं चुना जाएगा। ट्रंप ने मोजतबा अली खामेनेई को ईरान के सुप्रीम लीडर मानने से इनकार कर दिया औऱ कहा इसका बड़ा खामियाजा ईरान को भुगतना पड़ेगा।
