अयोध्या, न्यूज प्लस। अयोध्या के संत रामजन्म भूमि न्यास से महासचिव और चढ़ावा चोरी में घिरे चंपत राय बंसल के बचाव में उतर आया है। संत मंडल ने इस्तीफा स्वीकार न करने की अपील न्यास से की है।
चढ़ावा चोरी के मामले में आठ प्यादों के जेल जाने के बाद चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव बुरी तरह घिर गए हैं। हर कोई उनको दोषी ठहरा रहा है और एक लाबी तो उनको जेल भेजने की मांग कर रहा है। आरोपों से घिरे चंपत राय ने इस्तीफा दिया है, इस पर सोमवार को होने वाली न्यास की बैठक में फैसला होना है। बैठक से पहले कुछ लोग उनको बचाने के लिए सक्रिय हो गए हैं। उनके समर्थन में अयोध्या संत मंडल भी सामने आया है। शनिवार को जारी प्रेस वार्ता के बिंदुओं में संत मंडल ने ट्रस्ट के सदस्यों से चंपत राय का इस्तीफा स्वीकार नहीं करने की अपील की है। संतों का कहना है कि वे चंपत राय को लंबे समय से जानते हैं और उनके व्यवहार व निष्ठा पर उन्हें पूरा विश्वास है।
संत मंडल ने प्रेस नोट में कहा कि चंपत राय पूरी तरह निर्दोष हैं, संत मंडल ने मीडिया को भी कटघरे में खड़ा किया है, कहा है कि उनके खिलाफ प्रसारित की जा रही बातें निराधार हैं, जिसकी वे कड़ी निंदा करते हैं। संतों ने यह भी कहा कि चंपत राय ने स्वयं एसआईटी जांच का अनुरोध किया, जो उनकी न्यायप्रियता का प्रतीक है। तत्काल एसआईटी गठन के लिए उन्होंने सरकार की प्रशंसा की है।
प्रेस नोट में यहां तक कहा गया है कि विभिन्न प्रचार माध्यमों से लगातार बयानबाजी हो रही है, लेकिन चंपत राय शांत हैं और इस पूरे मामले पर संयम बनाए हुए हैं। अयोध्या के सभी संतों का आशीर्वाद उनके साथ है और उनके धैर्य की सराहना की जाती है। संत मंडल ने ट्रस्ट के अध्यक्ष गोविंददेव गिरि से भी स्पष्टीकरण की मांग करते हुए कहा कि 11 जून को प्रस्तावित ट्रस्ट की बैठक निर्धारित समय से पहले क्यों की जा रही है।
