IPL के सुपरस्टार हुए फ्लॉप, इंग्लैंड से मिली ऐतिहासिक हार के बाद टीम इंडिया पर उठे बड़े सवाल, अब आगे क्या?
नॉटिंघम में खेले गए तीसरे टी20 मुकाबले में टीम इंडिया को इतिहास की सबसे बड़ी हार का सामना करना पड़ा। महेंद्र सिंह धोनी अपने जन्मदिन पर स्टेडियम में टीम का हौसला बढ़ाने पहुंचे थे। शुरुआत में वैभव सूर्यवंशी ने दो शानदार छक्के लगाकर उम्मीद जगाई, लेकिन इसके बाद पूरी टीम ताश के पत्तों की तरह बिखर गई। भारत सिर्फ 76 रन पर ऑलआउट हो गया और करोड़ों भारतीय फैंस को बड़ा झटका लगा।
आईपीएल के स्टार खिलाड़ी नहीं दिखा सके दम
202 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत की बल्लेबाजी पूरी तरह फेल रही। वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन, श्रेयस अय्यर, अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा और शिवम दुबे जैसे खिलाड़ी बड़ी पारी नहीं खेल सके। आईपीएल में शानदार प्रदर्शन करने वाले बल्लेबाज इंग्लैंड के गेंदबाजों के सामने संघर्ष करते नजर आए। कप्तान श्रेयस अय्यर भी सिर्फ 5 रन बनाकर आउट हो गए।
पावरप्ले में मैच हाथ से निकल गया
भारत की हार की सबसे बड़ी वजह शुरुआती ओवरों में लगातार विकेट गिरना रहा। पावरप्ले के अंदर ही टीम ने चार बड़े विकेट गंवा दिए, जिससे मैच पूरी तरह इंग्लैंड के पक्ष में चला गया। मैच के बाद कप्तान श्रेयस अय्यर ने भी माना कि शुरुआती झटकों से टीम उबर नहीं सकी और यहीं मुकाबला हाथ से निकल गया।
गेंदबाजी और कप्तानी भी सवालों में
भारत के गेंदबाज शुरुआत में इंग्लैंड पर दबाव बनाने में सफल रहे, लेकिन आखिरी ओवरों में फिल सॉल्ट और सैम करन ने तेजी से रन जोड़ दिए। इससे इंग्लैंड 201 रन तक पहुंच गया। कप्तान श्रेयस अय्यर की रणनीति और गेंदबाजों के इस्तेमाल पर भी सवाल उठ रहे हैं। कई क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि डेथ ओवरों में बेहतर गेंदबाजी होती तो लक्ष्य इतना बड़ा नहीं बनता।
लगातार हार से टूटा खिलाड़ियों का आत्मविश्वास
आयरलैंड दौरे से शुरू हुआ हार का सिलसिला अब इंग्लैंड में भी जारी है। लगातार हार का असर खिलाड़ियों के आत्मविश्वास पर साफ दिखाई दिया। मैदान पर टीम का जज्बा और आत्मविश्वास दोनों कमजोर नजर आए। बल्लेबाजों और गेंदबाजों में वह भरोसा नहीं दिखा, जिसकी इस युवा टीम से उम्मीद की जा रही थी।
अब सिर्फ सीरीज नहीं, सम्मान बचाने की चुनौती
इस हार के बाद टीम इंडिया पर सवालों की बौछार शुरू हो गई है। कप्तान श्रेयस अय्यर, कोच गौतम गंभीर और खिलाड़ियों की रणनीति पर चर्चा तेज हो गई है। अब अगले मुकाबले में सिर्फ सीरीज बचाने की नहीं, बल्कि टीम की साख बचाने की भी चुनौती होगी। अगर भारत वापसी नहीं कर पाया, तो नॉटिंघम की यह हार लंबे समय तक क्रिकेट प्रेमियों को याद रहेगी।
