logo

BREAKING NEWS
5 दिन में पिघले बाबा बर्फानी, क्या बदल रहा है हिमालय का संतुलन, जानिए वैज्ञानिक वजह

5 दिन में पिघले बाबा बर्फानी, क्या बदल रहा है हिमालय का संतुलन, जानिए वैज्ञानिक वजह

इस बार अमरनाथ यात्रा शुरू होने के कुछ ही दिनों बाद बाबा बर्फानी का प्राकृतिक हिमलिंग काफी छोटा हो गया। पहले जहां यह सावन के लंबे समय तक बना रहता था, वहीं अब लगातार तीसरे साल यात्रा शुरू होने के एक सप्ताह के भीतर ही तेजी से पिघल रहा है। इससे श्रद्धालुओं के बीच सवाल उठ रहे हैं कि आखिर ऐसा क्यों हो रहा है।

विज्ञान क्या कहता है?

अमरनाथ का हिमलिंग किसी इंसान द्वारा नहीं बनाया जाता। गुफा की छत से टपकने वाली पानी की बूंदें बेहद कम तापमान में जमकर बर्फ का प्राकृतिक स्तंभ बनाती हैं। अगर सर्दियों में बर्फबारी कम हो और गर्मियों में तापमान ज्यादा रहे, तो यह बर्फ ज्यादा समय तक टिक नहीं पाती। यही वजह है कि इस बार हिमलिंग जल्दी पिघल गया।

बदलता मौसम बना बड़ी वजह

विशेषज्ञों के अनुसार पिछले कुछ वर्षों में हिमालयी क्षेत्रों में तापमान लगातार बढ़ा है और बर्फबारी कम हुई है। इसके साथ ही जलवायु परिवर्तन का असर भी साफ दिखाई दे रहा है। वैज्ञानिकों का मानना है कि ग्लोबल वार्मिंग की वजह से प्राकृतिक बर्फ लंबे समय तक सुरक्षित नहीं रह पा रही है, जिसका असर अमरनाथ गुफा में बनने वाले हिमलिंग पर भी पड़ रहा है।

आस्था बरकरार, लेकिन चिंता भी बढ़ी

हिमलिंग के जल्दी पिघलने के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं आई है और बड़ी संख्या में लोग बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। हालांकि पर्यावरण विशेषज्ञ मानते हैं कि हिमालय के संवेदनशील पारिस्थितिकी तंत्र को बचाने के लिए जलवायु संरक्षण, संतुलित यात्रा प्रबंधन और पर्यावरण के प्रति जागरूकता बेहद जरूरी है। यही कदम भविष्य में इस प्राकृतिक धरोहर को लंबे समय तक सुरक्षित रखने में मदद कर सकते हैं।

Leave Your Comment