केंद्र सरकार के नोटिस के बाद Meta ने अपनी सफाई जारी की है। कंपनी ने कहा कि Facebook, Instagram और WhatsApp पर बच्चों से जुड़े गलत और आपत्तिजनक कंटेंट को रोकने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। Meta का कहना है कि वह नहीं चाहती कि ऐसा कोई कंटेंट उसके प्लेटफॉर्म पर दिखे और ऐसे मामलों को वह बहुत गंभीरता से लेती है।
40 लाख संदिग्ध अकाउंट हटाने का दावा
Meta ने बताया कि पिछले साल उसने दुनिया भर में 40 लाख से ज्यादा संदिग्ध अकाउंट अपने आप हटा दिए। इसके अलावा बच्चों से जुड़े गलत कंटेंट वाली 3.6 करोड़ से ज्यादा पोस्ट और सामग्री भी हटाई गई। भारत में पिछले छह महीनों में 1.60 लाख ऐसे अकाउंट हटाए गए, जो संदिग्ध लिंक शेयर कर रहे थे।
AI की मदद से हो रही निगरानी
कंपनी का कहना है कि अब वह नई AI तकनीक का इस्तेमाल कर रही है। यह तकनीक ऐसे अकाउंट और पोस्ट की पहचान करती है जो बच्चों के लिए खतरा बन सकते हैं। Meta के मुताबिक, कई गलत विज्ञापनों और अकाउंट्स को लोगों तक पहुंचने से पहले ही हटा दिया गया था।
सरकार ने क्यों भेजा था नोटिस?
सरकार ने Instagram पर बच्चों के यौन शोषण से जुड़े कथित विज्ञापनों और कंटेंट को लेकर Meta को नोटिस भेजा था। इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय ने ऐसे सभी विज्ञापन हटाने और सात दिन के भीतर जवाब देने को कहा है। यह कार्रवाई BBC की एक रिपोर्ट के बाद शुरू हुई, जिसमें ऐसे कंटेंट के दिखने का दावा किया गया था।
Telegram तक पहुंच रहे थे यूजर
रिपोर्ट में कहा गया था कि कुछ विज्ञापनों में गलत शब्दों का इस्तेमाल किया जा रहा था। इन पर क्लिक करने के बाद यूजर Telegram चैनलों तक पहुंच जाते थे, जहां कथित तौर पर ऐसा कंटेंट बेचा जा रहा था। Meta ने कहा कि वह विज्ञापनों की जांच मशीन और इंसानी टीम, दोनों की मदद से करता है और नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाती है।
Meta बोला- सुरक्षा और मजबूत होगी
Meta ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर उसकी नीति बिल्कुल सख्त है। कंपनी लगातार अपने सिस्टम को बेहतर बना रही है ताकि गलत लोग प्लेटफॉर्म का गलत इस्तेमाल न कर सकें। कंपनी का कहना है कि वह आगे भी ऐसे अकाउंट, विज्ञापन और कंटेंट के खिलाफ तेजी से कार्रवाई करती रहेगी।
