ब्रिस्टल में खेले गए तीसरे टी20 मुकाबले में टीम इंडिया को इंग्लैंड के हाथों 9 विकेट से करारी हार झेलनी पड़ी। पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने 7 विकेट पर 158 रन बनाए, लेकिन इंग्लैंड ने सिर्फ 13.5 ओवर में लक्ष्य हासिल कर मुकाबला अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ मेजबान टीम ने चार मैचों की सीरीज में 3-0 की अजेय बढ़त बना ली। अब सीरीज का आखिरी मुकाबला साउथम्प्टन में खेला जाएगा, जहां इंग्लैंड की नजर क्लीन स्वीप के साथ टी20 रैंकिंग में नंबर-1 बनने पर भी होगी।
अय्यर ने मानी कमी
मैच के बाद कप्तान श्रेयस अय्यर ने हार पर निराशा जताई। उन्होंने कहा कि 158 रन चुनौतीपूर्ण स्कोर नहीं था और गेंदबाजी के दौरान टीम अपने तय प्लान को सही तरीके से लागू नहीं कर सकी। अय्यर ने बताया कि गेंदबाजों को एक जैसी लेंथ पर गेंद डालने की सलाह दी गई थी, क्योंकि उस लाइन पर बल्लेबाजी आसान नहीं थी, लेकिन टीम अपने एग्जीक्यूशन में पीछे रह गई। उन्होंने माना कि यही सबसे बड़ी वजह रही, जिसके कारण मुकाबला पूरी तरह इंग्लैंड के पक्ष में चला गया।
कप्तानी पारी भी बेकार
श्रेयस अय्यर ने इस मुकाबले में नाबाद 80 रन की शानदार पारी खेली, लेकिन उन्होंने साफ कहा कि जब टीम हार जाए तो व्यक्तिगत प्रदर्शन का कोई महत्व नहीं रह जाता। उनके मुताबिक हर बार मैदान पर उतरते समय लक्ष्य टीम को जीत दिलाना होता है। उन्होंने कहा कि अपनी बल्लेबाजी से संतुष्ट हैं, लेकिन हार के कारण इस पारी की खुशी नहीं है। अब पूरी टीम की नजर आखिरी मुकाबले में बेहतर प्रदर्शन कर सम्मान बचाने पर रहेगी।
इंग्लैंड का बड़ा दावा
श्रेयस अय्यर ने यह भी कहा कि टीम इंडिया बदलाव के दौर से गुजर रही है और युवा खिलाड़ी लगातार सीख रहे हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि खिलाड़ी अपनी गलतियों से सबक लेकर आगे बेहतर प्रदर्शन करेंगे। वहीं इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने कहा कि खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ के बीच शानदार तालमेल उनकी सबसे बड़ी ताकत बना। उन्होंने जोफ्रा आर्चर और जोश टंग की गेंदबाजी की भी जमकर तारीफ की। ब्रूक ने साफ कहा कि टीम का अगला लक्ष्य टी20 अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में दुनिया की नंबर-1 टीम बनना है और आखिरी मुकाबले में भी उनकी नजर जीत पर रहेगी।
