देशभर में बढ़ते साइबर फ्रॉड और ऑनलाइन ठगी के मामलों के बीच अब लोगों को जागरूक करने के लिए नई पहल शुरू की गई है। गृह मंत्रालय के तहत काम करने वाली इंडियन साइबर क्राइम कॉर्डिनेशन सेंटर यानी I4C की ओर से एक मुफ्त साइबर सुरक्षा कोर्स शुरू किया गया है। इस कोर्स का उद्देश्य लोगों को डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने और साइबर अपराधों से बचने के तरीके सिखाना है। खास बात यह है कि कोर्स पूरा करने के बाद प्रतिभागियों को सर्टिफिकेट भी दिया जाएगा।
कौन कर सकता है यह कोर्स?
I4C की ओर से साझा जानकारी के मुताबिक यह कोर्स लगभग हर वर्ग के लोगों के लिए तैयार किया गया है। इसमें छात्र, नौकरीपेशा लोग, सरकारी कर्मचारी और वरिष्ठ नागरिक भी हिस्सा ले सकते हैं। बढ़ते ऑनलाइन इस्तेमाल के दौर में हर उम्र के लोगों को साइबर सुरक्षा की जानकारी देने पर जोर दिया जा रहा है ताकि लोग खुद भी सुरक्षित रहें और अपने परिवार को भी जागरूक कर सकें।
क्या-क्या सीखने को मिलेगा?
इस कोर्स के जरिए लोगों को ऑनलाइन धोखाधड़ी के अलग-अलग तरीकों की जानकारी दी जाएगी। इसमें फर्जी कॉल की पहचान, संदिग्ध लिंक से बचाव, सोशल मीडिया का सुरक्षित इस्तेमाल और डिजिटल भुगतान से जुड़ी सावधानियां सिखाई जाएंगी। इसके अलावा व्यक्तिगत जानकारी और बैंकिंग डेटा को सुरक्षित रखने के तरीके भी बताए जाएंगे। आज के समय में बढ़ते डिजिटल इस्तेमाल को देखते हुए यह जानकारी काफी उपयोगी मानी जा रही है।
साइबर फ्रॉड होने पर क्या करें?
I4C की ओर से यह भी सलाह दी गई है कि अगर कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार हो जाए, तो उसे तुरंत शिकायत दर्ज करानी चाहिए। विशेषज्ञों का कहना है कि जितनी जल्दी शिकायत की जाती है, रकम वापस मिलने की संभावना उतनी अधिक हो सकती है। समय पर कार्रवाई कई मामलों में नुकसान कम करने में मदद कर सकती है।
बढ़ रहे हैं साइबर अपराध के मामले
हाल के वर्षों में साइबर ठग नए-नए तरीकों से लोगों को निशाना बना रहे हैं। फर्जी नौकरी, नकली बैंक ऑफर, केवाईसी अपडेट, पार्सल स्कैम और निवेश के नाम पर धोखाधड़ी जैसे मामले तेजी से सामने आ रहे हैं। कई लोग अपनी मेहनत की कमाई गंवा चुके हैं। ऐसे में जागरूकता और सावधानी सबसे बड़ा बचाव माना जा रहा है।
डिजिटल सुरक्षा पर बढ़ रहा जोर
डिजिटल इंडिया के दौर में साइबर सुरक्षा अब सिर्फ तकनीकी विषय नहीं बल्कि रोजमर्रा की जरूरत बन चुकी है। ऐसे में विशेषज्ञ भी लगातार सलाह दे रहे हैं कि किसी अनजान लिंक पर क्लिक करने, निजी जानकारी साझा करने और संदिग्ध कॉल पर भरोसा करने से बचना चाहिए। जागरूकता ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे मजबूत हथियार मानी जा रही है।
