अक्सर कहा जाता है कि ज्यादा पानी पीना सेहत के लिए अच्छा होता है, लेकिन जरूरत से ज्यादा पानी पीना नुकसानदायक भी हो सकता है। शरीर में पानी की अधिकता इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बिगाड़ देती है, जिससे सोडियम का स्तर कम हो जाता है और कई तरह की समस्याएं शुरू हो सकती हैं।
हर किसी के लिए अलग होती है जरूरत
हर व्यक्ति को कितनी मात्रा में पानी पीना चाहिए, यह उसकी उम्र, वजन, मौसम और शारीरिक गतिविधि पर निर्भर करता है। कुछ लोगों के लिए 8 गिलास पानी पर्याप्त होता है, जबकि कुछ के लिए यह ज्यादा भी हो सकता है। इसलिए दूसरों की देखा-देखी ज्यादा पानी पीना सही नहीं है।
सिरदर्द और चक्कर का संकेत
अगर आप जरूरत से ज्यादा पानी पी रहे हैं तो शरीर में सोडियम कम होने लगता है। इससे सिरदर्द, चक्कर और सिर भारी लगने जैसी परेशानी हो सकती है। कई बार लोग इसे सामान्य थकान समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि यह ओवरहाइड्रेशन का संकेत हो सकता है।
मतली और पेट में असहजता
ज्यादा पानी पीने से पेट पर दबाव पड़ता है और असहजता महसूस होती है। कई लोगों को मतली या उल्टी जैसा भी लग सकता है। यह शरीर का तरीका होता है यह बताने का कि पानी का संतुलन बिगड़ रहा है और अब मात्रा कम करनी चाहिए।
सूजन और बार-बार पेशाब आना
अगर हाथ-पैर या होंठों में सूजन दिखाई दे रही है तो यह भी ज्यादा पानी पीने का संकेत हो सकता है। इसके अलावा बार-बार पेशाब आना और पेशाब का बहुत ज्यादा साफ होना भी इसी का संकेत है। सामान्य तौर पर 6 से 8 बार पेशाब आना ठीक माना जाता है।
संतुलन बनाकर पीना ही सही तरीका
पानी पीना जरूरी है, लेकिन सही मात्रा में पीना और भी जरूरी है। शरीर की जरूरत के अनुसार पानी पिएं और जब भी कोई असामान्य लक्षण दिखें तो उसे नजरअंदाज न करें। संतुलित आदतें ही अच्छी सेहत की कुंजी होती हैं।
