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कानपुर किडनी कांड में बड़ा मोड़, हैलट से लखनऊ शिफ्ट हुए मरीज, कार्रवाई से मचा हड़कंप, पढ़ें एक क्लिक में

कानपुर किडनी कांड में बड़ा मोड़, हैलट से लखनऊ शिफ्ट हुए मरीज, कार्रवाई से मचा हड़कंप, पढ़ें एक क्लिक में

कानपुर के किडनी कांड में नया मोड़ सामने आया है। हैलट अस्पताल में भर्ती रिसीवर पारुल तोमर और डोनर आयुष चौधरी को बेहतर इलाज के लिए लखनऊ भेज दिया गया। दोनों को एम्बुलेंस के जरिए राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा, जहां विशेषज्ञ डॉक्टर उनकी देखभाल करेंगे।

हैलट में नहीं थी जरूरी सुविधाएं
जिस अस्पताल में दोनों का इलाज चल रहा था, वहां किडनी ट्रांसप्लांट से जुड़ी जरूरी सुविधाएं मौजूद नहीं थीं। इसके बावजूद डॉक्टरों की टीम ने लगातार मेहनत कर मरीजों की हालत में सुधार किया। लेकिन आगे के इलाज के लिए विशेषज्ञ यूनिट की जरूरत को देखते हुए उन्हें रेफर करना जरूरी समझा गया।

डॉक्टरों की टीम ने किया खास इंतजाम
मरीजों को लखनऊ भेजते समय पूरी सुरक्षा का ध्यान रखा गया। एम्बुलेंस में डॉक्टरों, नर्स और वार्ड बॉय की टीम मौजूद रही। साथ ही वरिष्ठ विशेषज्ञ भी निगरानी में जुड़े रहे ताकि रास्ते में किसी तरह की समस्या न हो और मरीज सुरक्षित तरीके से अस्पताल पहुंच सकें।

प्रिंसिपल ने बताया क्यों लिया फैसला
मेडिकल कॉलेज प्रशासन के अनुसार, मरीजों की हालत में सुधार हो रहा था, लेकिन किडनी ट्रांसप्लांट के बाद की देखभाल के लिए विशेष यूनिट और आईसीयू जरूरी होता है। यही वजह रही कि किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज और अन्य बड़े संस्थानों से अनुमति मांगी गई, जिसके बाद लखनऊ शिफ्ट किया गया।

किडनी कांड के बाद सख्त एक्शन
इस पूरे मामले के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग भी सख्त हो गया है। कई निजी अस्पतालों पर कार्रवाई की गई है। अहूजा और प्रिया अस्पताल का लाइसेंस रद्द कर दिया गया, जबकि एक अन्य अस्पताल को पहले ही सील किया जा चुका है।

आगे क्या होगा, सबकी नजरें टिकीं
अब दोनों मरीजों का इलाज लखनऊ में होगा और उनकी हालत पर लगातार नजर रखी जा रही है। इस पूरे मामले ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। साथ ही यह भी साफ हो गया है कि प्रशासन अब इस तरह के मामलों में सख्त कार्रवाई के मूड में है।

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