logo

BREAKING NEWS
आसमान में विमान का इंजन फेल, अटकी इंडिगो के 161 यात्रियों की सांसें गर्मी की छुट्टियों से पहले हवाई यात्रियों को बड़ा तोहफा 60% सीटें होंगीं फ्री ऑफ चार्ज क्या ईरान संकट से जन्म ले सकता है नया “कुर्दिस्तान”? - विश्लेषण अमेरिका को मंजूर नहीं अयातुल्ला का बेटा मोजतबा अली खामेनेई दशकों बाद युद्ध में टॉरपीडो का इस्तेमाल ईरान का युद्धपोत दो टुकड़ों में टूटा
नई स्टडी में खुलासा, बिना लक्षण के बढ़ रहा लिवर डैमेज का जोखिम, सामने आए ये बड़े कारण

नई स्टडी में खुलासा, बिना लक्षण के बढ़ रहा लिवर डैमेज का जोखिम, सामने आए ये बड़े कारण

डायबिटीज अब सिर्फ शुगर तक सीमित बीमारी नहीं रही, बल्कि यह शरीर के कई अहम अंगों को प्रभावित कर रही है। हाल ही में The Lancet Regional Health Southeast Asia में प्रकाशित एक स्टडी में बड़ा खुलासा हुआ है। देशभर के 9,000 से ज्यादा टाइप-2 डायबिटीज मरीजों पर किए गए अध्ययन में पाया गया कि हर 4 में से 1 मरीज के लिवर पर गंभीर असर पड़ चुका है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि कई मरीजों में इसके लक्षण तक नजर नहीं आए।

26% मरीजों में गंभीर लिवर फाइब्रोसिस
स्टडी के अनुसार करीब 26% मरीजों में क्लिनिकली सिग्निफिकेंट लिवर फाइब्रोसिस पाया गया, जबकि 14% मरीजों में यह एडवांस स्टेज तक पहुंच चुका था। लिवर फाइब्रोसिस एक ऐसी स्थिति है जिसमें लिवर पर दाग या निशान बनने लगते हैं और धीरे-धीरे इसकी कार्यक्षमता प्रभावित होती है। जब यह समस्या बढ़ जाती है, तो लिवर गंभीर रूप से डैमेज हो सकता है और मरीज की स्थिति खतरनाक हो सकती है।

बिना लक्षण के बढ़ रहा खतरा
इस बीमारी का सबसे बड़ा खतरा यह है कि कई मामलों में इसके लक्षण दिखाई ही नहीं देते। मरीज को तब तक पता नहीं चलता जब तक लिवर काफी हद तक खराब नहीं हो जाता। पहले माना जाता था कि डायबिटीज का असर सिर्फ आंखों, किडनी या दिल पर पड़ता है, लेकिन अब यह साफ हो गया है कि लिवर भी इससे अछूता नहीं है।

मोटे नहीं, फिर भी खतरे में मरीज
स्टडी में एक और चौंकाने वाली बात सामने आई कि जिन लोगों का वजन सामान्य था, उनके लिवर पर भी असर देखा गया। आमतौर पर मोटापा लिवर से जुड़ी बीमारियों का बड़ा कारण माना जाता है, लेकिन इस शोध ने यह साबित कर दिया कि बिना मोटापे के भी डायबिटीज मरीज लिवर डैमेज का शिकार हो सकते हैं।

क्या होता है लिवर फाइब्रोसिस?
लिवर खराब होने के दो मुख्य कारण होते हैं, पहला फैट जमा होना और दूसरा सूजन आना। जब सूजन बढ़ती है तो लिवर पर छोटे-छोटे निशान बनने लगते हैं, जिन्हें स्कार कहा जाता है। जब ये स्कार बढ़ जाते हैं तो लिवर का काम प्रभावित होने लगता है। यही स्थिति आगे चलकर गंभीर बीमारी का रूप ले लेती है।

कैसे रखें खुद का ध्यान
डायबिटीज के मरीजों को अपने स्वास्थ्य को लेकर ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है। रोजाना शुगर लेवल चेक करना जरूरी है। अगर शुगर बढ़ी हुई हो तो तुरंत एक्सपर्ट से सलाह लें। पेट में दर्द या कमजोरी जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न करें। इसके साथ ही रोजाना एक्सरसाइज करना और संतुलित आहार लेना बेहद जरूरी है।

समय रहते जांच ही बचाव
इस स्टडी ने साफ कर दिया है कि डायबिटीज को हल्के में लेना खतरनाक हो सकता है। समय पर जांच और सही इलाज ही इस गंभीर खतरे से बचा सकता है।

Leave Your Comment