भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद नितिन नवीन 4 और 5 जुलाई को पहली बार उत्तर प्रदेश दौरे पर हैं। इस दौरे को 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों की शुरुआत माना जा रहा है। पार्टी का लक्ष्य लगातार तीसरी बार प्रदेश में सरकार बनाना है। इसी उद्देश्य से संगठन, सरकार और जमीनी कार्यकर्ताओं के साथ कई अहम बैठकें होंगी, जिनमें चुनावी रणनीति और बूथ स्तर की तैयारियों पर मंथन किया जाएगा।
2024 की समीक्षा, 2027 की रणनीति पर फोकस
भाजपा इस दौरे के जरिए 2024 लोकसभा चुनाव में हुए नुकसान की समीक्षा करेगी। पार्टी बूथ स्तर पर जातीय समीकरणों का आकलन कर नई सोशल इंजीनियरिंग की रणनीति तैयार करेगी। साथ ही सरकार और संगठन के बीच बेहतर तालमेल बनाने और कार्यकर्ताओं को नए चुनावी लक्ष्य देने पर भी विशेष जोर रहेगा। सत्ता विरोधी माहौल से निपटने के लिए भी फीडबैक लिया जाएगा।
प्रदेश से लेकर बूथ तक होगी समीक्षा
राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रदेश पदाधिकारियों, 98 संगठनात्मक जिलाध्यक्षों और क्षेत्रीय पदाधिकारियों के साथ अलग-अलग बैठक करेंगे। इन बैठकों में संगठन की सक्रियता, विधायकों की छवि और जनता के बीच पार्टी की स्थिति पर चर्चा होगी। नई प्रदेश कार्यकारिणी के कामकाज और जमीनी पकड़ का भी आकलन किया जाएगा, ताकि चुनाव से पहले संगठन को और मजबूत बनाया जा सके।
शक्ति केंद्र और संघ संग भी होगा महामंथन
अवध क्षेत्र के 6,390 शक्ति केंद्र प्रभारियों के साथ संवाद में बूथवार रणनीति पर चर्चा होगी। हर क्षेत्र के जातीय समीकरण और स्थानीय मुद्दों के आधार पर चुनावी योजना तैयार की जाएगी। इसके अलावा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, विश्व हिंदू परिषद, एबीवीपी और अन्य सहयोगी संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ भी बैठक होगी, जिसमें जमीनी फीडबैक और आगामी रणनीति पर विचार किया जाएगा।
कोर ग्रुप बैठक में तय होगा आगे का रोडमैप
दौरे के अंतिम दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दोनों उपमुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष, संगठन महामंत्री और कोर ग्रुप के अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ अहम बैठक होगी। इसमें सभी बैठकों से मिले फीडबैक की समीक्षा कर अगले कुछ महीनों के लिए संगठन और सरकार को जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी। वहीं लखनऊ पहुंचने पर राष्ट्रीय अध्यक्ष का एयरपोर्ट से प्रदेश कार्यालय तक 50 से अधिक स्थानों पर भव्य स्वागत करने की भी तैयारी की गई है।
