उत्तर प्रदेश के रायबरेली से एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आ रही है, जहां बुधवार को राष्ट्रीय शोषित समाज पार्टी (RSSP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य पर एक सनसनीखेज हमला हुआ। जिसका वीडियों भी जमकर वायरल हो रहा है।
रिपोर्ट के मुताबिक यह घटना तब हुई जब मौर्य फतेहपुर जा रहे थे और रायबरेली के सिविल लाइंस इलाके में सारस चौराहे पर रुके थे। स्वागत के दौरान एक युवक ने पहले उन्हें माला पहनाई और फिर अचानक पीछे से उनके सिर पर थप्पड़ मारने की कोशिश की। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है।
स्वामी प्रसाद मौर्य बुधवार को एक राजनीतिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए फतेहपुर जा रहे थे। रास्ते में रायबरेली के सारस चौराहे पर उनके समर्थक उनका स्वागत करने के लिए जमा हुए थे। जैसे ही मौर्य अपनी कार से उतरे, भीड़ में मौजूद लोगों ने उन्हें फूल-मालाएं पहनाना शुरू किया। इसी दौरान, एक युवक ने माला पहनाने के बहाने मौर्य के पास पहुंचकर उनके सिर पर तमाचा मारने की कोशिश की। कुछ खबरों के अनुसार, थप्पड़ मौर्य को पूरी तरह नहीं लगा और पास खड़े एक कार्यकर्ता को छू गया।
हमले के तुरंत बाद वहां मौजूद मौर्य के समर्थकों और सुरक्षाकर्मियों ने हमलावर युवक को दौड़ाकर पकड़ लिया और उसकी जमकर पिटाई की। इस दौरान स्थिति इतनी बेकाबू हो गई कि मौके पर मौजूद पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। एक पुलिस इंस्पेक्टर, अजय राय, की वर्दी इस झड़प में खून से सन गई। पुलिस ने हमलावरों को भीड़ से बचाकर हिरासत में लिया और मामले की जांच शुरू कर दी।
स्वामी प्रसाद मौर्य का बयान
हमले के बाद स्वामी प्रसाद मौर्य ने उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा, "यह हमला करणी सेना के गुंडों द्वारा किया गया, जिन्हें योगी सरकार का संरक्षण प्राप्त है। यह पूरी घटना पुलिस की मौजूदगी में हुई, जो राज्य में जंगलराज और कानून-व्यवस्था की विफलता को दर्शाता है।" मौर्य ने यह भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की बिरादरी से ताल्लुक रखने के कारण ऐसे गुंडों को खुली छूट मिली हुई है। उन्होंने इसे लोकतंत्र पर हमला करार देते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की।
हमलावरों की पहचान
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हमलावर करणी सेना से जुड़े हुए बताए जा रहे हैं, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। कुछ सूत्रों ने दावा किया कि हमला पूर्व नियोजित हो सकता है, और इसमें हिंदू युवा वाहिनी जैसे संगठनों का भी हाथ हो सकता है। पुलिस ने एक युवक को हिरासत में लिया है और उससे पूछताछ जारी है। हमले के पीछे की मंशा और राजनीतिक साजिश की जांच की जा रही है।
पहले भी हो चुके हैं हमले
स्वामी प्रसाद मौर्य पहले भी विवादों और हमलों का शिकार रहे हैं। दो साल पहले लखनऊ में एक सभा के दौरान उन पर एक युवक ने जूता फेंका था। उस समय भी उनके समर्थकों ने हमलावर को पकड़कर उसकी पिटाई की थी। हाल ही में, उनके कांवड़ यात्रा और अन्य मुद्दों पर दिए गए विवादित बयानों के कारण उनकी सुरक्षा बढ़ाई गई थी। अप्रैल 2024 में आगरा में एक जनसभा के दौरान भी उन पर जूता फेंका गया था। इस घटना ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में नया बवाल खड़ा कर दिया है। विपक्षी दलों ने इसे योगी सरकार की कानून-व्यवस्था की नाकामी करार दिया है, जबकि सत्ताधारी दल ने हमले की निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही है। मौर्य ने इसे अपने राजनीतिक विरोधियों की साजिश करार दिया है।



