बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ लेकर अपनी नई पारी की शुरुआत कर दी है। इसके साथ ही उन्होंने एक खास राजनीतिक लक्ष्य भी पूरा कर लिया, क्योंकि वह अब देश के सभी प्रमुख सदनों का हिस्सा बन चुके हैं। इससे पहले वह विधानसभा, विधान परिषद और लोकसभा में अपनी भूमिका निभा चुके हैं।
पीएम मोदी ने की जमकर तारीफ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीतीश कुमार के राज्यसभा पहुंचने पर खास संदेश दिया। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार देश के सबसे अनुभवी नेताओं में से एक हैं और सुशासन के प्रति उनकी प्रतिबद्धता सराहनीय रही है। पीएम ने यह भी कहा कि उनके अनुभव से संसद की गरिमा और मजबूत होगी और देश को उनका मार्गदर्शन मिलता रहेगा।
केंद्र की राजनीति में वापसी के संकेत
नीतीश कुमार का राज्यसभा जाना केवल एक औपचारिक कदम नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे केंद्र की राजनीति में उनकी सक्रिय वापसी के तौर पर देखा जा रहा है। लंबे समय तक राज्य की राजनीति में सक्रिय रहने के बाद अब उनका राष्ट्रीय स्तर पर रोल बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
बिहार में सरकार गठन की हलचल
नीतीश कुमार के इस कदम के साथ ही बिहार में नई सरकार के गठन को लेकर हलचल तेज हो गई है। दिल्ली में भाजपा की कोर ग्रुप बैठक बुलाई गई है, जिसमें मुख्यमंत्री पद के चेहरे पर चर्चा हो सकती है। माना जा रहा है कि इस बार राज्य में नया नेतृत्व सामने आ सकता है।
तय हो रहा आगे का पूरा प्लान
सूत्रों के अनुसार, 13 अप्रैल को बिहार कैबिनेट की बैठक प्रस्तावित है। इसके बाद 14 अप्रैल को नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं। उसी दिन एनडीए विधायक दल की बैठक भी होगी, जिसमें नए नेता का चयन किया जाएगा।
शपथ समारोह की तैयारी
जानकारी के मुताबिक 15 अप्रैल को पटना के गांधी मैदान में नए मुख्यमंत्री का शपथ समारोह आयोजित किया जा सकता है। अब बिहार की राजनीति एक नए मोड़ पर खड़ी है, जहां एक तरफ नीतीश कुमार केंद्र की ओर बढ़ रहे हैं, तो दूसरी तरफ राज्य में सत्ता परिवर्तन की तैयारी तेज हो गई है।
