पश्चिम बंगाल की राजनीति में चर्चा में आए 2000 करोड़ के स्टिंग मामले पर अमित शाह ने पहली बार खुलकर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने साफ कहा कि हुमायूं कबीर और बीजेपी का कोई संबंध नहीं है और दोनों एक-दूसरे के बिल्कुल विपरीत हैं। इस बयान के बाद सियासी माहौल और गरमा गया है।
ममता सरकार पर तीखा हमला
अमित शाह ने ममता बनर्जी की सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य में भय, भ्रष्टाचार और भेदभाव का माहौल है। उन्होंने आरोप लगाया कि सिंडिकेट, गुंडों और घुसपैठियों के गठजोड़ से सरकार चलाई जा रही है, जिससे आम जनता परेशान है और बदलाव चाहती है।
सीएम चेहरे पर साफ संकेत
बीजेपी के मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर अमित शाह ने बड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि पार्टी में वंशवाद नहीं चलता और “दीदी के बाद भतीजा” वाली राजनीति नहीं होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर बीजेपी सत्ता में आती है तो बंगाल का ही कोई योग्य कार्यकर्ता मुख्यमंत्री बनेगा।
6 महीने में बड़े फैसलों का वादा
अमित शाह ने ऐलान किया कि बीजेपी की सरकार बनने पर 6 महीने के अंदर यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू किया जाएगा। इसके साथ ही सीमाओं को सख्त करने और घुसपैठ के खिलाफ कड़ी नीति अपनाने की बात कही गई। उन्होंने “डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट” नीति का जिक्र करते हुए कानून व्यवस्था मजबूत करने का भरोसा दिया।
महिलाओं और युवाओं के लिए घोषणाएं
बीजेपी ने महिलाओं और युवाओं के लिए कई बड़े वादे किए हैं। 75 लाख “लखपति दीदी” बनाने, मुफ्त बस यात्रा और गर्भवती महिलाओं को आर्थिक सहायता देने की योजना पेश की गई। इसके अलावा एक करोड़ रोजगार और बेरोजगार युवाओं को हर महीने सहायता राशि देने की बात भी कही गई।
विकास और ‘सोनार बांग्ला’ का लक्ष्य
इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षा और उद्योग को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं सामने रखी गई हैं। कोलकाता को विश्वस्तरीय शहर बनाने, नए संस्थान खोलने और उद्योगों को बढ़ावा देने का वादा किया गया। अमित शाह ने कहा कि बीजेपी का लक्ष्य बंगाल में “सोनार बांग्ला” बनाना है और जनता को भरोसे का शासन देना है।
अब साफ है कि बीजेपी ने बंगाल चुनाव को लेकर पूरी रणनीति तैयार कर ली है, जहां स्टिंग विवाद से लेकर विकास के वादों तक हर मुद्दे पर सियासत तेज हो गई है।
