न्यूज प्लस डेस्क, नई दिल्ली। असम भाजपा के ट्विटर हैंडल से पहले एक वीडियो वायरल किया गया और बवाल शुरू हुआ तो उसे डीलिट कर दिया गया। असम से मुख्यमंत्री हेमंता बिस्वा शर्मा से सफाई दी कि उनको वीडियो के बारे में कुछ पता नहीं लेकिन इस पर हैदराबाद में हेमंता बिस्वा शर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो गई और अब हिन्दू-मुस्लिम छिड़ गया है। दिल्ली के पूर्व एलजी नजीब जंग समेत कुछ कार्यकर्ताओं सुप्रीमकोर्ट में सीएम हेमंता विस्वकर्मा के बयान के खिलाफ पीआईएल दाखिल किया है।
असम भाजपा के ट्विटर हैंडल से एक वीडियो जारी किया गय़ा जिसमें मुख्यमंत्री हेमंता बिस्वा शर्मा बंदूक से एक टोपी-दाढ़ी वाले को गोली मारते दिख रहे थे। वीडियो पर असम सरकार की किरकिरी शुरू हुई तो वीडियो डीलिट कर दिया गया। सीएम हेमंता बिस्वा शर्मा पर हिन्दू-मुस्लिम की राजनीति करने का आरोप लगा, ओवैसी ने न केवल हेमंता बिस्वा शर्मा पर हमला बोला बल्कि हैदराबाद में एफआईआर के लिए पुलिस को कंपलेन भी भेज दी। अब हेमंता बिस्वा शर्मा कह रहे हैं कि हिम्मत है तो उनको गिरफ्तार कर लें, अब सवाल पैदा होता है कि क्या उनके खिलाफ कोई कार्रवाई की जा सकती है।
दूसरी तरफ विपक्ष सवाल उठा रहा है कि अगर सीएम हेमंता बिस्वा शर्मा कह रहे हैं उनको वीडियो के बारे में कुछ पता नहीं तो जांच करानी चाहिए कि भाजपा के ट्विटर हैंडल में वीडियो किसने डाला, क्या उनकी और सरकार की छवि खराब करने की कोशिश किसने की। और क्या वह जांच कराके कार्रवाई करेंगे, इस पर असम सरकार की तरफ से कोई जवाब नहीं आया, बल्कि हिन्दू-मुस्लिम की राजनीति शुरू हो गई है।



