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अखिलेश ने देखा सपना आएंगी 270 सीटें, भाजपा बोली सपना-सपना ही रहेगा

अखिलेश ने देखा सपना आएंगी 270 सीटें, भाजपा बोली सपना-सपना ही रहेगा

लखनऊ, न्यूज प्लस। श्रीराम जन्मभूमि के चढ़ावे में लूट के शोर के बीच अखिलेश यादव ने बताया कि उनको सपना आया जिसमें उन्होंने देखा विधानसभा चुनाव में उनक 270 सीटें मिली हैं और वह सरकार बनाने जा रहे हैं। अखिलेश का बयान आते ही भाजपा ने चुटकी ली-बयान आया सपने देखने का हक सभी को लेकिन अखिलेश का सपना-सपना ही रहेगा।

उप्र में 2027 का बैटल शुरू हो चुका है, खासकर भाजपा और सपा का चुनाव सड़क पर दिखने लगा है। चढ़ावा चोरी पर अखिलेश भाजपा और संघ पर हमलावर हैं। भाजपा की तरफ से खासकर सीएम योगी की तरफ से उसका उसी तेवर में जवाब भी आ रहे हैं। इस बीच अखिलेश को चुनाव रीजल्ट का सपना भी आ गया। यह सही है कि आप पूरे दिन जिन चीजों के बीच में रहते हैं, वही सपना आता है, लेकिन चुनाव से पहले रिजल्ट का सपना और सपने में सरकार बनाने की बात कितनी सच होगी यह तो आठ माह बाद पता चलेगा लेकिन इससे एक चर्चा जरूर शुरू हो गई है। 

वर्तमान में भाजपा के पास 255 तो सपा के पास 111 सीटें हैं। इसके बाद अपना दल के पास 12, आरएलडी के पास 8, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के पास 6, कांग्रेस के पास 2 और अन्य के पास 6 सीटें हैं। इसके बाद लोकसभा चुनाव में सपा और कांग्रेस ने मिलकर 43 सीटें जीतकर सबको चौकाया। लोकसभा चुनाव के माहौल से गणना करें तो अखिलेश का सपना साकार भी हो सकता है लेकिन यह इतना आसान नहीं है और न प्रदेश में अब वह माहौल है। खासकर बिहार और पश्चिम बंगाल चुनावों के बाद काफी कुछ बदल गया है। राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि बिहार चुनावों का उप्र पर भी काफी कुछ असर पड़ता है इसलिए इसका भी ध्यान रखना होगा।

अखिलेश का सपना सच होगा या नहीं लेकिन उन्होंने जैसे ही अपना सपना सार्वजनिक किया राजनीतिक गलियारों में नई बहस शुरू हो गई। सपा नेताओं की तरफ से बयान आए जो सपने में आया है वही हकीकत में सामने आएगा, तो भाजपा की तरफ से बयान आने में देर न लगी कि सपना देखने का हक सभी को है, अखिलेश सपना ही देखते रहें और सपने में ही सरकार बनाते रहें क्योंकि हकीकत में तो अब वह सत्ता में आने वाले नहीं हैं। सुभासपा प्रमुख ओमप्रकाश राजभर ने भी तंज कसा-उन्होंने सपा मुखिया अखिलेश यादव को चुनाव से पहले जागने की सलाह दी। उन्होंने कहा सोते रहेंगे और सपने देखते रहेंगे तो चुनाव निकल जाएगा। अखिलेश के सपने के साथ उप्र में सीटों की गणित पर नई बहस छिड़ गई है।

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