प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता, केंद्रीय कैबिनेट में 12 अगस्त 2025 को 3 महत्वपूर्ण फैसले लिए गए, जो भारत को आत्मनिर्भर बनाने, रोजगार सृजन करने, और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। ये फैसले मैन्युफैक्चरिंग, ऊर्जा, और परिवहन क्षेत्रों पर केंद्रित हैं। चलिए इन फैसलों को विस्तार से जानते है।
चार नई सेमीकंडक्टर यूनिट्स को मंजूरी
केंद्रीय कैबिनेट ने 'इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन' के तहत चार नई सेमीकंडक्टर यूनिट्स को मंजूरी दी है, जिन पर कुल 4,594 करोड़ रुपये का निवेश होगा। ये यूनिट्स ओडिशा (SiCSem और 3D Glass), पंजाब (Continental Device - CDIL), और आंध्र प्रदेश (ASIP Technologies) में स्थापित होंगी। इन यूनिट्स में मिसाइल, डिफेंस उपकरण, इलेक्ट्रिक वाहन, फास्ट चार्जर, मोबाइल फोन, और डेटा सेंटर के लिए सेमीकंडक्टर चिप्स बनाए जाएंगे। इससे भारत की विदेशी निर्भरता कम होगी, 2,034 से अधिक प्रत्यक्ष और हजारों अप्रत्यक्ष नौकरियां सृजित होंगी, और देश इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग में वैश्विक केंद्र बनने की ओर अग्रसर होगा।

अरुणाचल में तातो-II हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट
कैबिनेट ने अरुणाचल प्रदेश के शि योमी जिले में 8,146.21 करोड़ रुपये की लागत से ताटो-II हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट (700 मेगावाट) को मंजूरी दी है। यह परियोजना प्रतिवर्ष 2,738.06 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादन करेगी, जिससे राज्य को 12% मुफ्त बिजली मिलेगी और नेशनल ग्रिड को स्थिरता मिलेगी। इसके साथ ही, 32 किलोमीटर सड़कें, पुल, और स्थानीय स्तर पर अस्पताल, स्कूल, और बाजार जैसी सुविधाएं विकसित होंगी। यह परियोजना स्वच्छ ऊर्जा और सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास को बढ़ावा देगी।

लखनऊ मेट्रो फेज-1B का विस्तार
कैबिनेट ने लखनऊ मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के विस्तार के लिए 5,801 करोड़ रुपये की लागत वाली फेज-1B परियोजना को हरी झंडी दी है। इस परियोजना के तहत 11.165 किलोमीटर लंबा नया मेट्रो कॉरिडोर बनेगा, जिसमें 12 स्टेशन (7 अंडरग्राउंड और 5 एलिवेटेड) शामिल होंगे। यह कॉरिडोर पुराने लखनऊ के भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों जैसे अमीनाबाद, याहियागंज, पांडेयगंज, चौक, और ऐतिहासिक स्थलों जैसे बड़ा इमामबाड़ा, छोटा इमामबाड़ा, और रूमी दरवाजा को जोड़ेगा।

कॉरिडोर की विशेषताएं
- यह कॉरिडोर पुराने लखनऊ के घनी आबादी वाले और ऐतिहासिक इलाकों को जोड़ेगा, जैसे:
- अमीनाबाद, याहियागंज, पांडेयगंज, और चौक।
- किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU)।
- बड़ा इमामबाड़ा, छोटा इमामबाड़ा, भूल भुलैया, क्लॉक टावर, और रूमी दरवाजा।
- कुल मेट्रो नेटवर्क: इस फेज के पूरा होने के बाद लखनऊ में मेट्रो नेटवर्क 34 किलोमीटर तक विस्तृत हो जाएगा।
क्या होगे फायदे?
- बेहतर कनेक्टिविटी: पुराने लखनऊ की संकरी और भीड़भाड़ वाली सड़कों पर ट्रैफिक जाम की समस्या कम होगी।
- पर्यटन को बढ़ावा: ऐतिहासिक स्थलों तक पहुंच आसान होने से पर्यटन को प्रोत्साहन मिलेगा।
- पर्यावरण संरक्षण: मेट्रो के उपयोग से वाहनों का धुआं कम होगा, जिससे पर्यावरण को लाभ होगा।
- आर्थिक विकास: नए स्टेशनों के आसपास निवेश और विकास की संभावनाएं बढ़ेंगी।
आपको बता दें इन तीनों परियोजनाओं पर कुल ₹18,541 करोड़ का निवेश होगा। ये फैसले भारत को तकनीकी, ऊर्जा, और शहरी विकास के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। सेमीकंडक्टर यूनिट्स से भारत वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार में अपनी स्थिति मजबूत करेगा, तातो-II प्रोजेक्ट से स्वच्छ ऊर्जा और क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा मिलेगा, और लखनऊ मेट्रो का विस्तार शहरी गतिशीलता और पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।



