रोटी और चावल भारतीय खाने का सबसे अहम हिस्सा माने जाते हैं। देश के करोड़ों लोग रोजाना लंच और डिनर में इनमें से किसी एक चीज को जरूर खाते हैं। लेकिन अक्सर लोगों के मन में सवाल रहता है कि पेट के लिए ज्यादा हल्का क्या होता है और कौन सी चीज जल्दी पचती है। कई लोग मानते हैं कि चावल जल्दी हजम हो जाता है, जबकि कुछ लोगों का कहना है कि रोटी ज्यादा हेल्दी और बेहतर विकल्प है। अब एक्सपर्ट्स ने इस पूरे सवाल का आसान जवाब दिया है।
चावल क्यों जल्दी पचता है?
हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक सफेद चावल में कार्बोहाइड्रेट ज्यादा और फाइबर कम मात्रा में होता है। यही वजह है कि शरीर इसे तेजी से तोड़ देता है और यह जल्दी हजम हो जाता है। आमतौर पर चावल को पचने में 45 मिनट से 1 घंटे तक का समय लग सकता है। चावल में ग्लूटेन नहीं होता, इसलिए यह पेट पर ज्यादा भारी नहीं पड़ता। जिन लोगों का पेट अक्सर खराब रहता है या जिन्हें पाचन से जुड़ी समस्या रहती है, उनके लिए सीमित मात्रा में चावल अच्छा विकल्प माना जाता है। हालांकि ज्यादा चावल खाने से ब्लड शुगर तेजी से बढ़ सकता है।
रोटी क्यों देर से पचती है?
गेहूं की रोटी में फाइबर और प्रोटीन की मात्रा ज्यादा होती है। इसी वजह से इसे पचने में ज्यादा समय लगता है। गेहूं की रोटी को पूरी तरह हजम होने में करीब 2 से 3 घंटे तक लग सकते हैं। रोटी पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराती है और जल्दी भूख नहीं लगने देती। यही कारण है कि वजन कम करने वाले लोग अक्सर रोटी को बेहतर विकल्प मानते हैं। हालांकि जिन लोगों को ग्लूटेन से परेशानी होती है, उन्हें रोटी खाने के बाद भारीपन या गैस की दिक्कत हो सकती है।
दिन और रात में क्या बेहतर?
एक्सपर्ट्स का कहना है कि दिन और रात के हिसाब से भी दोनों चीजों का असर अलग हो सकता है। दिन में शरीर ज्यादा एक्टिव रहता है, इसलिए रोटी खाने से मिलने वाली एनर्जी लंबे समय तक काम आती है। वहीं रात में शरीर आराम की स्थिति में होता है, इसलिए हल्का भोजन बेहतर माना जाता है। ऐसे में सीमित मात्रा में चावल खाना कई लोगों के लिए आसान डाइजेशन वाला विकल्प बन सकता है। हालांकि यह पूरी तरह व्यक्ति की बॉडी और लाइफस्टाइल पर भी निर्भर करता है।
डाइजेशन सिर्फ खाने पर निर्भर नहीं
विशेषज्ञ बताते हैं कि खाना कितनी जल्दी पचेगा, यह सिर्फ रोटी या चावल पर निर्भर नहीं करता। आपकी उम्र, फिजिकल एक्टिविटी, पानी पीने की आदत और पाचन तंत्र की स्थिति भी इसमें बड़ी भूमिका निभाती है। अगर कोई व्यक्ति नियमित व्यायाम करता है और एक्टिव लाइफस्टाइल रखता है तो उसका डाइजेशन बेहतर रहता है। इसलिए हेल्दी रहने के लिए संतुलित मात्रा में दोनों चीजों का सेवन करना सबसे अच्छा तरीका माना जाता है।
