देश के करोड़ों मजदूरों और असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। अब दिहाड़ी मजदूरों, छोटे दुकानदारों, घरेलू कामगारों और गिग वर्कर्स को भी रिटायरमेंट के बाद पेंशन की सुविधा मिल सकेगी। पेंशन फंड नियामक एवं विकास प्राधिकरण यानी PFRDA ने असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए खास NPS योजना शुरू की है। इस योजना का उद्देश्य उन लोगों को आर्थिक सुरक्षा देना है जिन्हें अब तक किसी औपचारिक पेंशन योजना का लाभ नहीं मिल पाता था।
90 फीसदी कामगारों पर फोकस
PFRDA के मुताबिक देश के करीब 90 फीसदी कामगार असंगठित क्षेत्र में काम करते हैं। ये लोग दिन-रात मेहनत करते हैं लेकिन बुढ़ापे में उनके पास आमदनी का कोई स्थायी जरिया नहीं होता। इसी समस्या को देखते हुए यह नई योजना लाई गई है। योजना के तहत दिहाड़ी मजदूर, प्लंबर, इलेक्ट्रिशियन, छोटे दुकानदार, घरेलू सहायकों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर काम करने वाले गिग वर्कर्स को शामिल किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि इस स्कीम में निवेश की शर्तों को बेहद आसान रखा गया है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसका लाभ उठा सकें।
श्रमिकों के लिए बनी नई श्रेणी
नई लेबर पॉलिसी के तहत अब श्रमिकों के लिए चौथी श्रेणी भी बनाई गई है। जानकारी के मुताबिक नए लेबर कोड में श्रमिकों की चार श्रेणियां तय की गई हैं। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार भी इस योजना को लेकर तैयारी में जुट गई है। सरकार का कहना है कि नियमावली का अंतिम प्रारूप तैयार होने के बाद वेज बोर्ड के गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। माना जा रहा है कि इससे असंगठित क्षेत्र के कर्मचारियों को भविष्य में सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक मजबूती मिल सकेगी।
कैसे खुलवाएं NPS खाता?
NPS योजना में खाता खुलवाने की प्रक्रिया को बेहद आसान बनाया गया है। कोई भी व्यक्ति घर बैठे ई-एनपीएस पोर्टल या KFintech के जरिए ऑनलाइन खाता खोल सकता है। इसके अलावा ऑफलाइन तरीके से बैंक या सेवा केंद्र में जाकर भी पंजीकरण कराया जा सकता है। योजना के तहत शुरुआत में सिर्फ 500 रुपये का निवेश करना होगा। वहीं हर साल कम से कम 1000 रुपये जमा करना जरूरी रखा गया है। सरकार और PFRDA का मानना है कि कम निवेश वाली यह योजना गरीब और मध्यम आय वर्ग के श्रमिकों के लिए बड़ी राहत साबित होगी।
बुढ़ापे में मिलेगी आर्थिक सुरक्षा
विशेषज्ञों का कहना है कि यह योजना असंगठित क्षेत्र के करोड़ों श्रमिकों के लिए गेम चेंजर साबित हो सकती है। अब तक बड़ी संख्या में मजदूर बिना किसी सामाजिक सुरक्षा के काम करते थे लेकिन इस योजना के जरिए उन्हें रिटायरमेंट के बाद नियमित पेंशन का सहारा मिल सकेगा। सरकार का उद्देश्य है कि ज्यादा से ज्यादा श्रमिक औपचारिक वित्तीय सुरक्षा के दायरे में आएं और भविष्य में आर्थिक परेशानियों से बच सकें।
