न्यूज प्लस डेस्क । यूपी और केन्द्र सरकार ने मिलकर प्रदेश में इमरजेंसी सेवाओं को चाक-चौबंद और अपग्रेड करने की तैयारी शुरू कर दी है। केजीएमयू,जीएसवीएम समेत अभी तक सात मेडिकल कॉलेजों के डॉक्टरों को दिल्ली में एम्स में ट्रेनिंग और नए सेटअप को बनाने के लिए पूरा खाका साझा किया गया है। नया मॉडल विदेशों में इमरजेंसी सेवाओं की तर्ज पर विकसित किया जाएगा।
यूपी सरकार ने इसकी जिम्मेदारी सतत संजीवनी प्रोजेक्ट के तहत विश्व स्वास्थ्य संगठन और एम्स दिल्ली को दी है।
डब्ल्यूएचओ एम्स दिल्ली के कोऑर्डिनेटर जगदीश चन्द्रा के अनुसार, आने वाले समय में राज्य के सभी मेडिकल कॉलेजों में इमरजेंसी मेडिसिन पाठयक्रम को लागू किया जाएगा। इमरजेंसी में एक्सीडेंट या गंभीर मरीजों की जान बचाने के लिए एक ही छत पर इलाज और सभी तरह के टेस्ट होंगे। इमरजेंसी में मरीज के आते ही उन्हें कैटगरी के आधार पर रेड, यलो और ग्रीन मरीज तय किया जाएगा। रेड मरीजों यानी अति गंभीर को तत्काल अलग वार्ड में ले जाकर उनकी जिंदगी बचाने के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों का पैनल परीक्षण करेगा। इसके बाद गंभीर मरीजों को यलो वार्ड तो कम गंभीर मरीजों को ग्रीन वार्ड में भेजकर इलाज किया जाएगा। मरीजों की जिंदगी बचाने के लिए हर तरह की दवाएं वहीं पर उपलब्ध होंगी, किसी को बाहर से दवा नहीं लानी होगी।
कैटेगरी के हिसाब से मरीजों का परीक्षण करने के बाद उनके लिए आईसीयू, आपरेशन थिएटर, सीटी स्कैन, डिजिटल एक्सरे, एमआरआई की सुविधा भी इमरजेंसी में रखी जाएंगी। मॉडल लागू करने के बाद इमरजेंसी एरिया प्रतिबंधित एरिया होगा, जहां पर सिर्फ एम्बुेंलस को ही जाने की अनुमति होगी। अब इमरजेंसी मेडिसिन पाठयक्रम और विभाग हर मेडिकल कॉलेज में बनाया जाएगा। उसी कड़ी में सभी कॉलेजों की इमरजेंसी का अपग्रेड कर विस्तार किया जाएगा।
डब्ल्यूएचओ के कोर्डिनेटर श्री चन्द्रा ने बताया कि नया मॉडल यूपी के सभी मेडिकल कॉलेजों में लागू होगा। इसके लिए डब्ल्यूएचओ की टीम सभी कॉलेजों का मुआयना और मानीटरिंग करेगी।
राजकीय मेडिकल कॉलेज , फतेहपुर के प्रो.डॉ.आरके मौर्य के अनुसार ड्ब्ल्यूएचओ की टीम ने बारी-बारी से पहले ही मुआयना कर लिया है। दिल्ली में ट्रेनिंग का दौर भी पूरा हो गया है। मॉडल के अनुसार, धीरे-धीरे उसे सभी मेडिकल कॉलेजों में उसे लागू किया जाएगा। कई बड़े मेडिकल कॉलेजों में इसे लागू कर दिया गया है। जल्द ही सभी राजकीय मेडिकल कॉलेजों में इसे लागू कर दिया जाएगा।



