न्यूज प्लस डेस्क, बांदा। यूपी के चित्रकूट की ‘एपस्टीन फाइल’ आखिर खुल गई, बांदा की अदालत ने मासूमों का यौन शोषण करने वाले सिंचाई विभाग के इंजीनियर और उसकी पत्नी को फांसी की सजा सुनाई। अपना फैसला सुनाते हुए जज ने कहा दोनों को मरते दम तक फांसी पर लटकाया जाए।
बांदा का रहने वाला सिंचाई विभाग का जेई रामभवन चित्रकूट की एसडीएम कालोनी में पत्नी दुर्गावती के साथ रहता था। दोनों को कोई संतान नहीं थी। सीबीआई ने बच्चों के यौन शोषण में उसे नवम्बर 2020 में गिरफ्तार किया था। सीबीआई की ओर से दाखिल की गई चार्जशीट में बताया गया था कि रामभवन पत्नी के साथ मिलकर गरीब बच्चों को जाल फंसाता था फिर दोनों मिलकर उनका शोषण करते थे।
रामभवन बच्चों के साथ कुकर्म करता था और पत्नी बच्चों के साथ संबंध बनाती थी। दोनों लैपटॉप कैमरे की मदद से बच्चों का अश्लील वीडियो बनाते थे। विरोध करने पर बच्चों तो मारते-पीटते थे और बच्चों को खुलौने, मोबिल फोन, इलेक्ट्रनिक गैजेट देकर उनकी जुबान बंद करा देते थे। बच्चों ने बताया था कि रामभवन मोबाइल फोन में गेम खिलाने और वीडियो दिखाने का लालच देकर फंसाता था। चार्जशीट के अनुसार दोनों ने मिलकर 50 से ज्यादा बच्चों का यौन शोषण किया। बच्चों के अश्लील वीडियो और फोटो बनाकर पति-पत्नी डार्क वेब के जरिए अंतरराष्ट्रीय पोडोफाइल नेटवर्क तक पहुंचाते थे।
सीबीआई ने पति-पत्नी को 17 नवंबर 2020 में गिरफ्तार किया था और 2021 में दोनों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। मेडिकल रिपोर्ट और बच्चों के बयानों के आधार पर सीबीआई ने चार्जशीट में दोनों के खिलाफ आरोप लगाए थे और साक्ष्य के रूप में उनके अश्लील वीडियो पेश किए थे। पत्नी पर केस प्रभावित करने के लिए बच्चों और उनके मां-बाप को धमकाने का भी आरोप था।अंततः अदालत ने 18 फरवरी को दोनों को दोषी ठहराया था औऱ सजा के लिए 20 फरवरी 2026 की तारीख तय थी। आज अदालत ने दोनों को फांसी की सजा सुना दी।



