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दूध के पैकेट का रंग क्या बताता है, खरीदने से पहले जरूर जान लें मतलब

दूध के पैकेट का रंग क्या बताता है, खरीदने से पहले जरूर जान लें मतलब

मार्केट में मिलने वाले दूध के पैकेट अलग-अलग रंगों में दिखाई देते हैं। किसी पैकेट का रंग नीला होता है, किसी का हरा तो किसी का नारंगी। ज्यादातर लोग इसे सिर्फ पैकेजिंग डिजाइन समझते हैं, लेकिन असल में इन रंगों का सीधा संबंध दूध की क्वालिटी और उसमें मौजूद फैट यानी मलाई की मात्रा से होता है। डेयरी कंपनियां रंगों के जरिए ग्राहकों को यह बताती हैं कि पैकेट में कौन सा दूध है और उसमें कितना फैट मौजूद है। इससे लोगों को अपनी जरूरत और सेहत के हिसाब से सही दूध चुनने में आसानी होती है।

नीला पैकेट किसका

आमतौर पर नीले रंग का पैकेट टोन्ड मिल्क के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इसमें करीब 3 प्रतिशत फैट और कम से कम 8.5 प्रतिशत सॉलिड नॉट फैट यानी SNF होता है। यह दूध उन लोगों के लिए बेहतर माना जाता है जो हल्का दूध पीना पसंद करते हैं या वजन नियंत्रित रखना चाहते हैं। डॉक्टर और हेल्थ एक्सपर्ट्स भी कई बार हार्ट मरीजों और फिटनेस पर ध्यान देने वालों को टोन्ड मिल्क पीने की सलाह देते हैं। नीले पैकेट वाला दूध रोजाना इस्तेमाल में सबसे ज्यादा लोकप्रिय माना जाता है।

हरा और नारंगी रंग

हरे रंग का पैकेट आमतौर पर स्टैंडर्ड या होल मिल्क की पहचान माना जाता है। इसमें लगभग 4.5 प्रतिशत फैट और 8.5 प्रतिशत SNF होता है। यह दूध स्वाद और पोषण दोनों के लिहाज से संतुलित माना जाता है। वहीं नारंगी या मेजेंटा रंग का पैकेट फुल क्रीम मिल्क के लिए इस्तेमाल होता है। इसमें सबसे ज्यादा मलाई होती है और करीब 6 प्रतिशत फैट पाया जाता है। यह दूध बच्चों, खिलाड़ियों और ज्यादा ऊर्जा की जरूरत वाले लोगों के लिए अच्छा माना जाता है।

विदेशों में भी नियम

सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि दूसरे देशों में भी दूध की पहचान के लिए रंगों का इस्तेमाल किया जाता है। ब्रिटेन और कई यूरोपीय देशों में नीला रंग फुल फैट दूध के लिए इस्तेमाल होता है जबकि हरा रंग सेमी स्किम्ड दूध को दर्शाता है। अमेरिका में लाल रंग होल मिल्क और हल्का नीला या गुलाबी रंग लो फैट दूध के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इससे ग्राहक बिना ज्यादा जानकारी पढ़े आसानी से सही दूध चुन लेते हैं।

सेहत से जुड़ा कनेक्शन

हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है कि दूध चुनते समय सिर्फ स्वाद नहीं बल्कि सेहत का भी ध्यान रखना जरूरी है। फुल क्रीम दूध में विटामिन-D और ओमेगा-3 फैटी एसिड ज्यादा होते हैं जबकि टोन्ड या स्किम्ड दूध वजन घटाने वालों और हार्ट मरीजों के लिए बेहतर माना जाता है। यही वजह है कि दूध के पैकेट पर दिए गए रंग लोगों को सही विकल्प चुनने में बड़ी मदद करते हैं।

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