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हाईवे पर कहीं भी एक्सीडेंट तो 15 मिनट में रेस्क्यू आपरेशन

हाईवे पर कहीं भी एक्सीडेंट तो 15 मिनट में रेस्क्यू आपरेशन

न्यूजप्लस डेस्क। अब हाईवे पर कहीं भी एक्सीडेंट होने पर 15 मिनट में रेस्क्यू आपरेशन शुरू हो जाएगा, इसके लिए इमरजेंसी केयर परियोजना तैयार की गई है। हाईवे पर हादसों में घायलों को तत्काल अस्पतालों में भर्ती कराया जाएगा। हाईवे से जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज को सीधे तौर जोड़ा गया है। मेडिकल कॉलेज के हैलट में नई इमरजेंसी बनाई गई है, जिसमें हाईवे के घायलों को तत्काल इलाज देने के लिए 6 बेडों को रिजर्व किया जाएगा।

इसी कड़ी में एनएचएआई और सेफ लाइफ फाउंडेशन का इमरजेंसी केयर आडिट किया गया है। पूरा हो गया है। आडिट के बाद फैसला लिया गया है कि कानपुर रीजन के 6 हाईवे, प्रस्तावित एक्सप्रेस-वे, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे भी जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज से ही जोड़ा गया है। एनएचएआई ने राजमार्ग मंत्रालय को आडिट की रिपोर्ट सौंप दी है। आडिट के तहत ही यह भी तय किया गया है कि हैलट में हाईवे के घायलों को न्यूरो, आर्थों, सर्जरी और गैस्ट्रो के विशेषज्ञों की टीम परीक्षण कर जान बचाएगी। अब रेस्क्यू आपरेशन में एक साथ दो एम्बुलेंस पहुंचेंगी । साथ ही हाईवे की 1033 नंबर हेल्प लाइन ही इमरजेंसी और रेस्क्यू टीम को सूचना देगी। एम्बुलेंस हाईवे पर टोल प्ल् के साथ ही हर तीस किलोमीटर पर तैनात रहेंगी।

एनएचएआई के आला अधिकारी ने बताया कि एनएचएआई की टीम ने हैलट के पूरे सिस्टम का मुआयना कर लिया है। उसे डब्ल्यूएचओ और एम्स दिल्ली के बनाए गए इमरजेंसी मॉडल से जोड़ा गया है। जीएसवीएम पीजीआई के हेड डॉ.मनीष सिंह का कहना है कि अब हाईवे में एक्सीडेंट पर घायलों को तत्काल इलाज मिलेगा।

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